टाटा ग्रुप में बड़े बदलाव की आहट! N. चंद्रशेखरन छोड़ सकते हैं चेयरमैन पद, जानें क्या है वजह

HIGHLIGHTS
- 18 अगस्त की एजीएम में चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर होगा मतदान
- टाटा ट्रस्ट्स और चंद्रशेखरन के बीच मतभेद की खबरें
- फरवरी में पुनर्नियुक्ति पर फैसला टाल चुका है टाटा संस बोर्ड
टाटा समूह के शीर्ष नेतृत्व को लेकर अटकलें बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने वार्षिक आम बैठक (एजीएम) से पहले पद छोड़ने की बात कही है। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने करीबी सहयोगियों के साथ इस संभावना पर चर्चा के बाद इस्तीफा दिया है।
चंद्रशेखरन के निदेशक पद पर दोबारा नियुक्त होने को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच यह स्थिति सामने आई है। रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि चंद्रशेखरन खुद इस्तीफा देने पर विचार कर रहे थे। वह शेयरधारकों के संभावित विवादास्पद मतदान के आधार पर अपने भविष्य का फैसला नहीं चाहते थे।
चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। चेयरमैन पद पर बने रहने के लिए उनका टाटा संस के निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त होना जरूरी है। 18 अगस्त को होने वाली कंपनी की एजीएम में उनके निदेशक पद पर पुनर्नियुक्ति के प्रस्ताव पर शेयरधारक मतदान करेंगे। वहीं, समूह के भीतर कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आई हैं।
क्या है नेतृत्व में बदलाव की वजह?
यह अनिश्चितता टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और एन. चंद्रशेखरन के बीच कुछ मुद्दों को लेकर मतभेद से जुड़ी बताई जा रही है। टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस का सबसे बड़ा शेयरधारक है और समूह की रणनीतिक दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका है।
फरवरी में टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति पर फैसला टाल दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, नोएल टाटा ने समूह के कुछ नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर चिंता जाहिर की थी। इसके बाद बोर्ड ने इस मामले में अंतिम निर्णय को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
चंद्रशेखरन का टाटा समूह से जुड़ाव
एन. चंद्रशेखरन का टाटा समूह के साथ लंबे समय से जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1987 में समूह के साथ अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के सीईओ बने और कंपनी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
2017 में उन्हें टाटा संस का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। समूह के साथ उनके लंबे अनुभव को टाटा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
शेयर बाजार पर भी दिखा असर
एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की अटकलों का असर शेयर बाजार में भी नजर आया। बुधवार सुबह कारोबार के दौरान टाटा समूह की कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया।
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का शेयर एनएसई पर एक फीसदी से अधिक गिरकर करीब 1,066 रुपये पर कारोबार करता नजर आया। वहीं, टीसीएस का शेयर भी लगभग एक फीसदी की गिरावट के साथ 2,424.50 रुपये के आसपास पहुंच गया।
टाइटन कंपनी के शेयर में करीब 1.03 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और यह 5,075.10 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। टाटा पावर का शेयर भी लगभग 0.9 फीसदी गिरकर 376.60 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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