दिल्ली में आतंकी साजिश नाकाम, पाकिस्तान कनेक्शन वाले 7 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी और संगठित अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क कुख्यात गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर द्वारा संचालित बताया जा रहा है। पुलिस ने इस अभियान में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली-एनसीआर में संभावित आतंकी साजिशों को समय रहते नाकाम कर दिया।
हथियारों का जखीरा बरामद
स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज टीम ने इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया और अजीत कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसकी निगरानी एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट कर रहे थे। जांच में सामने आया कि यह गिरोह पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते दिल्ली-एनसीआर तक हथियार, नशीले पदार्थ और गोला-बारूद की सप्लाई में सक्रिय था।
गिरफ्तार आरोपियों से पांच आधुनिक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो वाहन बरामद किया गया है। मोबाइल फोन की जांच में विदेशी हैंडलर्स से जुड़ी चैट और वॉयस रिकॉर्डिंग भी मिली हैं, जो इस नेटवर्क के संचालन की पुष्टि करती हैं।
सात आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान अनस, मोहित, दीपक, आरिफ, करणवीर सिंह, जतन और साबिर के रूप में हुई है। इनमें से कई आरोपी गाजियाबाद (लोनी और ट्रोनिका सिटी) और एक आरोपी पंजाब के फतेहगढ़ साहिब का रहने वाला है।
दिल्ली-एनसीआर में हमले की साजिश का खुलासा
स्पेशल सेल के अनुसार, मई 2026 के मध्य में मिली खुफिया जानकारी में खुलासा हुआ था कि शाहजाद भट्टी और अजमल गुर्जर आईएसआई के इशारे पर दिल्ली-एनसीआर में बड़ी वारदातों की योजना बना रहे थे। इसके लिए युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया जा रहा था और उन्हें पैसों का लालच दिया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि मोहित को यमुना विहार इलाके से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से हथियार और मोबाइल मिला था। उसकी पूछताछ के बाद अन्य साथियों की भूमिका सामने आई, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों की रेकी करने और संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटाने का काम सौंपा गया था।
नेटवर्क का तरीका
जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क एन्क्रिप्टेड ऐप्स, फर्जी मोबाइल नंबरों और हवाला चैनलों के जरिए संचालित होता था। आरोपी आरिफ ने कथित तौर पर एक विदेशी पिस्तौल भारी रकम देकर खरीदी थी, जिसका भुगतान डिजिटल माध्यम से किया गया। यह गिरोह पंजाब से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक नशीले पदार्थों की तस्करी में भी शामिल था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक बड़े आतंकी नेटवर्क को फैलने से रोकने में अहम साबित हुई है और आगे इस गिरोह के अन्य लिंक की भी जांच जारी है।
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