टिकट की रेस शुरू: सपा-बीजेपी जिलाध्यक्षों ने मीरापुर-खतौली सीटों पर ठोकी दावेदारी

मुजफ्फरनगर। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर जिले में सियासी सरगर्मी तेज होती नजर आ रही है। राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष अब संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ-साथ चुनावी दावेदारी भी खुलकर सामने रखने लगे हैं। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी एडवोकेट ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश करते हुए मीरापुर विधानसभा सीट से टिकट की इच्छा जताई है, जबकि भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने खतौली सीट से चुनाव लड़ने का संकेत दिया है।
जिया चौधरी ने बताया कि लखनऊ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ हुई बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। इस दौरान जिलाध्यक्षों से उनके भविष्य के राजनीतिक इरादों और संभावित दावेदारी पर भी राय ली गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने संगठन के सामने जिलाध्यक्ष पद छोड़ने का प्रस्ताव रखा है और मीरापुर सीट से टिकट की मांग की है। अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व पर निर्भर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, उसे निभाने के लिए वह तैयार हैं।
वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने कहा कि वह खतौली विधानसभा सीट से टिकट के इच्छुक हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जो भी फैसला करेगा, वह उसे स्वीकार करेंगे। यदि उन्हें टिकट मिलता है तो उन्हें जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।
मीरापुर सीट का राजनीतिक इतिहास भी दिलचस्प रहा है। 2012 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर समाजवादी पार्टी अब तक जीत दर्ज नहीं कर सकी है। वहीं खतौली सीट पर भी पिछले चुनावों और उपचुनाव के बाद सियासी समीकरण लगातार बदलते रहे हैं।
इधर, खतौली उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकदल से टिकट के दावेदार रहे संजय राठी को हाल ही में जिलाध्यक्ष बनाया गया है। उनका कहना है कि फिलहाल वह संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देंगे। जिले में अलग-अलग दलों के नेताओं की सक्रियता से साफ है कि 2027 चुनाव को लेकर अभी से सियासी जमीन तैयार की जा रही है।
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