स्टांप बचाने के लिए पत्नी के नाम करा दी संपत्ति, दूसरी शादी कर बोली- नहीं दूंगी हिस्सा

शामली: जिले में महिलाओं को मकान और जमीन की रजिस्ट्री में मिलने वाली छूट के कारण अब उनके नाम संपत्तियां खरीदने का चलन तेजी से बढ़ गया है। लेकिन इसी के चलते कुछ विवाद भी सामने आने लगे हैं। दो मामलों में पति द्वारा पत्नी के नाम कराई गई संपत्ति को लेकर झगड़ा हुआ है, जबकि महिलाएं अब संपत्ति में हिस्सेदारी देने से मना कर रही हैं। ऐसे ही मामले वन स्टॉप सेंटर पहुंचे हैं, जहां अधिकारी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने का प्रयास कर रहे हैं।
केस-1
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी ने बताया कि 20 मार्च को शुगर मिल रोड निवासी मनोज ने शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि शादी एक साल पहले हुई थी और उन्होंने पत्नी के नाम अपना मकान और चार प्लॉट का बैनामा कराया था। लेकिन अब पत्नी ने किसी अन्य व्यक्ति से शादी कर ली है और संपत्ति में हिस्सा देने से इनकार कर रही है। यह बैनामा एक जनवरी को शामली तहसील में कराया गया था।
केस-2
दूसरा मामला कैराना क्षेत्र के कांधला रोड निवासी राजबीर का है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले उन्होंने एक विधवा महिला से शादी की थी। पत्नी के कहने पर उन्होंने 20 बीघा जमीन उसके नाम कर दी थी। अब पत्नी हिस्सा देने से मना कर रही है और अलग होने का दबाव बना रही है। वहीं, पत्नी ने राजबीर पर मारपीट का आरोप लगाते हुए शिकायत दी है। वन स्टॉप सेंटर इस मामले में भी समझौता कराने का प्रयास कर रहा है।
रजिस्ट्री में छूट से बढ़े महिलाओं के नाम बैनामे
एआईजी स्टांप के अनुसार, नवंबर 2025 में प्रदेश सरकार ने महिलाओं के लिए स्टांप ड्यूटी छूट का दायरा बढ़ाकर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये कर दिया। अब 1 करोड़ रुपये तक की संपत्ति महिला के नाम पर खरीदने पर केवल 6% शुल्क लगता है, जबकि पुरुष के नाम वही शुल्क अधिक है।
उदाहरण के लिए, 1 करोड़ रुपये की संपत्ति पुरुष के नाम कराने पर लगभग 7 लाख रुपये स्टांप शुल्क देना पड़ता है, जबकि महिला के नाम यही रजिस्ट्री 6 लाख रुपये में हो जाती है। इससे सीधे तौर पर 1 लाख रुपये की बचत होती है।
जिले में बढ़ी महिलाओं के नाम रजिस्ट्री
उपनिबंधन कार्यालय शामली के अनुसार, मार्च महीने में करीब 4,000 बैनामों में से 324 महिलाओं के नाम थे। जबकि फरवरी में 3,500 बैनामों में करीब 1,000 महिलाओं के नाम रजिस्ट्री हुई थी।
इसी तरह, ऊन उपनिबंधन कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुरुषों के नाम 3,352 और महिलाओं के नाम 1,329 रजिस्ट्री दर्ज हुई। मार्च महीने में 400 रजिस्ट्री में से 100 महिलाओं के नाम थीं। जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने भी माना कि महिलाओं के नाम बैनामों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
विश्वास जरूरी, तभी संपत्ति विवाद टलेगा
वन स्टॉप सेंटर प्रभारी गजाला त्यागी ने कहा कि पत्नी के नाम संपत्ति कराना गलत नहीं है, लेकिन पति-पत्नी के बीच विश्वास होना जरूरी है। उन्होंने सलाह दी कि अगर किसी को संदेह है, तो संपत्ति अपने नाम कराना ही बेहतर विकल्प है, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति न बने।






















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