यूपी: बेसिक-माध्यमिक के साथ इस तरह के शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस चिकित्सा का लाभ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस (5 सितंबर) के मौके पर सभी शिक्षकों को कैशलेश चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इस योजना का लाभ अब बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ-साथ श्रम, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जुड़े शिक्षकों व कर्मचारियों को भी मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने हाल ही में सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजकर निर्धारित प्रारूप पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएम की घोषणा के अनुसार बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को पहले ही योजना में शामिल किया गया था। अब उप सचिव संजय कुमार की ओर से जारी पत्र के जरिए समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और श्रम विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों को भी लाभार्थियों की सूची में जोड़ा गया है। इस विस्तार से मदरसा, अटल व सर्वोदय विद्यालयों के शिक्षक और कर्मचारी भी योजना के दायरे में आ जाएंगे।
पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के एडेड, सेल्फ-फाइनेंस, प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों के अलावा समाज कल्याण, श्रम और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विद्यालयों से जुड़े शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी कैशलेश चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
साथ ही, विभागों से इन सभी कर्मचारियों की संख्या और इस पर आने वाले व्यय का ब्योरा मांगा गया है। अनुमान है कि अब तक इस योजना के अंतर्गत आने वाले 11 लाख से अधिक शिक्षकों के साथ-साथ गैर-शिक्षण कर्मचारी भी जुड़ जाएंगे। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
लाभार्थियों की संख्या (अनुमानित):
- समाज कल्याण विभाग के एडेड विद्यालयों के 1264 शिक्षक
- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विद्यालयों के 9889 शिक्षक और 8367 कर्मचारी
- श्रम विभाग के विद्यालयों के 55 शिक्षक, 261 कर्मचारी और 61 रसोइयां
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