यूपी: देसी शराब की दुकानों को पांच अप्रैल तक खत्म करना होगा स्टॉक, जानिए क्यूं

उत्तर प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के मद्देनजर आबकारी विभाग ने देसी शराब की लाइसेंसधारी दुकानों को अपना मौजूदा स्टॉक पांच अप्रैल तक समाप्त करने का निर्देश दिया है। वहीं अंग्रेजी शराब के फुटकर विक्रेताओं के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं है, और वे पुराने स्टॉक को नए वित्तीय वर्ष में भी बेच सकते हैं।
इस वर्ष नई आबकारी नीति लागू होने के साथ ही दुकानों के रिन्यूअल का निर्णय लिया गया है। अब केवल चुनी हुई दुकानों को ही ई-लॉटरी के जरिए लाइसेंस आवंटित किया जाएगा। पिछले वर्ष रिन्यूअल नहीं होने के कारण दुकानदारों को 31 मार्च तक अपना स्टॉक खत्म करना पड़ता था, जिससे ग्राहकों को भारी छूट का फायदा मिला था। इस बार ऐसा नहीं होगा क्योंकि दुकानों का रिन्यूअल हो रहा है।
नई नीति के अनुसार 36% एल्कोहल वाली देसी शराब की ड्यूटी 165 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 173 रुपये कर दी गई है, जिससे इसके दाम में लगभग पांच रुपये की वृद्धि हो सकती है। अन्य चार स्ट्रेंथ वाली शराब के दामों में कोई बदलाव नहीं होगा।
इसके अलावा, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में पहली बार लो-अल्कोहल स्ट्रेंथ बिवरेजेज, बीयर और वाइन के बार शुरू किए जाएंगे। आगामी वित्तीय वर्ष में शराब के निर्यात से राजस्व बढ़ाने के लिए भी कई सहूलियतें दी गई हैं।
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