यूपी: एनआईए जांच में खुलासा, आतंकी निशाने पर थे विधानसभा और बड़ा इमामबाड़ा

HIGHLIGHTS
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ताजा जांच में लखनऊ को निशाना बनाकर बड़े आतंकी हमले की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ है।
- दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच के दौरान सामने आए इनपुट्स के आधार पर एजेंसी ने दावा किया है कि आतंकियों की योजना उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित कई महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमला करने की थी।
- एनआईए द्वारा अदालत में दाखिल करीब 7500 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी डॉ.
- मुजम्मिल शकील और डॉ.
- शाहीन सईद अगस्त 2025 में फरीदाबाद से लखनऊ पहुंचे थे।
- जांच एजेंसि…
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ताजा जांच में लखनऊ को निशाना बनाकर बड़े आतंकी हमले की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ है। दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट केस की जांच के दौरान सामने आए इनपुट्स के आधार पर एजेंसी ने दावा किया है कि आतंकियों की योजना उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित कई महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमला करने की थी।
एनआईए द्वारा अदालत में दाखिल करीब 7500 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, आरोपी डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. शाहीन सईद अगस्त 2025 में फरीदाबाद से लखनऊ पहुंचे थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि दोनों ने यहां कई संवेदनशील इलाकों की रेकी की, जिनमें उत्तर प्रदेश विधानसभा, बापू भवन, सचिवालय, बड़ा इमामबाड़ा, लालबाग और अमीनाबाद जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। आशंका जताई जा रही है कि इन जगहों को कार बम विस्फोट के जरिए निशाना बनाने की योजना थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने ट्राईएसीटोन ट्राईपेरॉक्साइड (TATP) जैसे अत्यंत खतरनाक विस्फोटक को तैयार करने की कोशिशों के तहत लखनऊ में रासायनिक दुकानों की भी तलाश की थी। सूत्रों के अनुसार, मुजम्मिल के निर्देश पर शाहीन ने इन दुकानों की सूची हाथ से लिखी थी, जो बाद में एनआईए को उनके फोन से बरामद हुई। इसी तरह का विस्फोटक 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके में इस्तेमाल किया गया था। टीएटीपी को अत्यंत अस्थिर और खतरनाक रसायन माना जाता है, जिसे सुरक्षा एजेंसियां “मदर ऑफ सैटन” भी कहती हैं।
एनआईए के मुताबिक, इस पूरे आतंकी नेटवर्क का संबंध अल-कायदा से जुड़े संगठन ‘अंसार गजवत-उल-हिंद’ से प्रभावित विचारधारा से जुड़ा पाया गया है। एजेंसी ने तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के जरिए कई अहम डिजिटल और भौतिक सबूत जुटाने का दावा किया है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस साजिश का पर्दाफाश होने से राजधानी में एक बड़े आतंकी हमले को टाल दिया गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
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