केरल में वी.डी. सतीशन बनेंगे नए मुख्यमंत्री, सोमवार को लेंगे शपथ

केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से चल रहा राजनीतिक संशय आखिरकार खत्म हो गया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने वी.डी. सतीशन के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें राज्य का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है और अब गठबंधन का पूरा ध्यान नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण पर केंद्रित है।
वी.डी. सतीशन सोमवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। माना जा रहा है कि उनके साथ पूरी कैबिनेट भी शपथ ले सकती है, जिसमें करीब 20 मंत्री शामिल हो सकते हैं। इस संभावना पर चर्चा तेज है कि सरकार एक ही चरण में पूर्ण मंत्रिमंडल के साथ कामकाज शुरू करना चाहती है, ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक अनिश्चितता या चरणबद्ध विस्तार की स्थिति से बचा जा सके।
परंपरागत रूप से केरल में गठबंधन सरकारों में सहयोगी दलों के नेता भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर मंत्री पद संभालते हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस नेतृत्व शुरुआत से ही स्पष्ट और स्थिर संदेश देना चाहता है कि सरकार पूरी तरह तैयार है और गठबंधन में कोई असमंजस नहीं है। इसी कारण सभी प्रमुख मंत्रियों को एक साथ शपथ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों—आईयूएमएल और केरल कांग्रेस गुट—के बीच विभागों के बंटवारे और मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा जारी है। सत्ता-साझेदारी का मूल ढांचा तय हो चुका है, लेकिन कुछ अहम विभागों और क्षेत्रीय संतुलन पर अंतिम सहमति बनाई जा रही है।
गठबंधन नेतृत्व का मानना है कि हालिया जनादेश के बाद जनता की अपेक्षाएं काफी अधिक हैं, ऐसे में सरकार की शुरुआत मजबूत और स्पष्ट होनी चाहिए। पार्टी के अंदर भी यह चर्चा है कि मंत्रिमंडल गठन में किसी तरह की देरी से राजनीतिक अटकलें फिर से बढ़ सकती हैं।
आईयूएमएल प्रमुख पनक्कड़ सैय्यद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और एआईसीसी के फैसले का सभी सहयोगी सम्मान करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार अगले पांच वर्षों तक “टीम यूडीएफ” के रूप में काम करेगी और स्थिर शासन देगी।
कांग्रेस नेतृत्व के अनुसार, यह निर्णय व्यापक विचार-विमर्श और सहयोगी दलों से बातचीत के बाद लिया गया है। अब सभी की नजर सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर है, जिसे केरल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के एक बड़े अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
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