वीरेंद्र सचदेवा की वापसी या नया चेहरा? दिल्ली भाजपा अध्यक्ष पद पर मंथन तेज

नई दिल्ली में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच अब दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष को लेकर फैसला जल्द होने की संभावना जताई जा रही है। पिछले कई महीनों से यह मुद्दा अटका हुआ है, हालांकि पार्टी नेतृत्व अब इस पर अंतिम निर्णय की तैयारी में है।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले वर्ष जुलाई में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश ने दिल्ली भाजपा के सांसदों, राज्य सरकार के मंत्रियों, वरिष्ठ नेताओं और पूर्व प्रदेश अध्यक्षों से नए अध्यक्ष को लेकर राय ली थी। शुरुआत में उम्मीद थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के ऐलान से पहले ही दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के चुनावों में केंद्रीय नेतृत्व की व्यस्तता के कारण प्रक्रिया में और देरी हुई।
अब चुनावी गतिविधियों के समाप्त होने के बाद इस पर जल्द निर्णय होने की संभावना है। मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को दोबारा मौका मिलने की भी चर्चा तेज है। उनके कार्यकाल में भाजपा ने दिल्ली में 27 वर्षों बाद सत्ता में वापसी की थी और पहली बार ट्रिपल इंजन सरकार का गठन हुआ।
वीरेंद्र सचदेवा को दिसंबर 2022 में आदेश गुप्ता के इस्तीफे के बाद कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और मार्च 2023 में उन्हें स्थायी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। पंजाबी समुदाय से आने वाले सचदेवा को मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि दिल्ली में इस समुदाय का प्रभाव और भाजपा का परंपरागत समर्थन आधार महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
हालांकि संगठन में अन्य नाम भी चर्चा में हैं। पूर्वी दिल्ली से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा तथा राजीव बब्बर को भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। इसके अलावा पार्टी में सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग से किसी नेता को अध्यक्ष बनाने पर भी विचार चल रहा है।
यदि एससी वर्ग से किसी नेता को जिम्मेदारी मिलती है तो उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सांसद योगेंद्र चांदोलिया का नाम मजबूत दावेदारों में शामिल है। वहीं ओबीसी प्रतिनिधित्व के लिए एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत चहल का नाम चर्चा में है।
इसके अतिरिक्त पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय, लक्ष्मी नगर विधायक अभय वर्मा और पूर्व महापौर जय प्रकाश भी इस दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं। अब सबकी निगाहें पार्टी के अंतिम फैसले पर टिकी हैं, जो जल्द सामने आ सकता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.