दिल्ली में तरबूज से दहशत: मुंबई में चार लोगों की मौत के बाद खरीदने से बच रहे लोग

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाया जाने वाला और राहत देने वाला फल तरबूज अब लोगों के बीच चिंता और डर का कारण बन गया है। मुंबई में एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध मौत के बाद, जिसे तरबूज खाने से जोड़ा जा रहा है, इसका असर दिल्ली के बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी में लोग अब तरबूज खरीदने से पहले कई बार सोच रहे हैं और कई परिवारों ने इसे फिलहाल बंद कर दिया है।
दिल्ली में घटती बिक्री
दिल्ली के आजादपुर, करोल बाग, कृष्णा नगर, शाहदरा, लक्ष्मी नगर और पटपड़गंज जैसे इलाकों में फल विक्रेताओं के अनुसार तरबूज की बिक्री में पिछले कुछ दिनों में तेज गिरावट आई है। पहले जहां ग्राहक बिना झिझक पूरा तरबूज खरीद लेते थे, अब वही लोग उसके स्रोत और गुणवत्ता को लेकर सवाल कर रहे हैं।
व्यापारियों पर असर
फल विक्रेताओं का कहना है कि बिक्री लगभग आधी रह गई है।
- “पहले रोज 40-50 तरबूज बिक जाते थे, अब मुश्किल से 20-25 ही बिक रहे हैं।” — अर्जुन, फल विक्रेता
- “मुंबई की खबर के बाद ग्राहक ज्यादा पूछताछ कर रहे हैं, डर बना हुआ है।” — शिवम, आजादपुर मंडी
- “कटे हुए तरबूज की बिक्री लगभग बंद हो गई है।” — राजन, फल विक्रेता
- “अगर यही स्थिति रही तो सीजन में बड़ा नुकसान होगा।” — गोपाल, फल विक्रेता
लोगों में बढ़ी सतर्कता
आम लोगों में भी डर और सतर्कता साफ देखी जा रही है। खासकर बच्चों वाले परिवार खुले में बिकने वाले कटे फलों से दूरी बना रहे हैं।
- “बच्चों के लिए तरबूज लेना बंद कर दिया है जब तक सच्चाई सामने न आए।” — प्राजकता, गृहिणी
- “अब बाजार के फलों पर भरोसा करना मुश्किल हो गया है।” — ज्योतिसना, गृहिणी
- “मैंने फिलहाल तरबूज खरीदना रोक दिया है।” — वंदना, निवासी करोल बाग
डॉक्टरों की राय
चिकित्सकों का कहना है कि तरबूज स्वयं एक सुरक्षित फल है, लेकिन यदि यह दूषित, गलत तरीके से संग्रहित या मिलावटी हो तो यह फूड पॉइजनिंग या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।
जीटीबी अस्पताल के डॉ. अमितेश अग्रवाल के अनुसार, “तरबूज से सीधे मौत होना संभव नहीं है, लेकिन खराब या दूषित फल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।”
सोशल मीडिया पर चर्चा
मुंबई की घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी तरबूज को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे केमिकल इंजेक्शन से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे बाजार में और अधिक भ्रम और डर का माहौल बन गया है।
कुल मिलाकर, गर्मी में राहत देने वाला यह लोकप्रिय फल अब संदेह के घेरे में आ गया है और इसका सीधा असर बाजार और उपभोक्ताओं दोनों पर देखा जा रहा है।
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