पश्चिम बंगाल: हुमायूं कबीर के समधी की 10 करोड़ की संपत्तियां जब्त, ड्रग तस्करी आरोप

मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इस कार्रवाई के तहत निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर विधायक हुमायूं कबीर के दामाद के पिता की चल-अचल संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ललगोला थाना क्षेत्र के निवासी शरीफुल इस्लाम की करीब 10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। बताया जा रहा है कि शरीफुल इस्लाम, विधायक हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना के ससुर हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शरीफुल इस्लाम लंबे समय से नशीले पदार्थों की तस्करी में कथित रूप से संलिप्त रहे हैं और इसी से अर्जित धन से उन्होंने विभिन्न अचल संपत्तियां खरीदीं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला पिछले वर्ष 25 मार्च को सामने आए एक नशा तस्करी प्रकरण से जुड़ा है, जब जियाउर रहमान नामक व्यक्ति को उसके घर के पास से करीब 500 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसी जांच के दौरान शरीफुल इस्लाम की संभावित भूमिका सामने आई, जिसके बाद संपत्तियों की जांच शुरू की गई।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने कुल 17 संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें से कुछ मकान राष्ट्रीयकृत बैंकों को किराए पर दिए गए हैं। उच्च स्तर से अनुमति मिलने के बाद सोमवार दोपहर से जब्ती की कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया एक जनवरी से औपचारिक रूप से शुरू की गई थी।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक हुमायूं कबीर ने आरोपों को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि उनके समधी का गिरफ्तार आरोपी से कोई व्यावसायिक लेनदेन नहीं है और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कबीर ने यह भी कहा कि उनके दामाद वैध कारोबार से जुड़े हैं और आयकर नियमों का पालन करते हैं।
हुमायूं कबीर ने संकेत दिया कि वे इस पुलिस कार्रवाई को चुनौती देने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं, जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के तहत और नशा विरोधी अभियान के हिस्से के रूप में की जा रही है। पुलिस के अनुसार, संपत्ति जब्ती की कार्रवाई आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.














Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.