तुम हिंदू हो, बीएचयू जाओ: एएमयू महिला प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष पर लगाया आरोप

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के राजनीति विज्ञान विभाग में एक प्रोफेसर द्वारा विभागाध्यक्ष पर मानसिक और सांप्रदायिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। विभाग की प्रोफेसर रचना कौशल का दावा है कि उन्हें अपमानजनक शब्द कहे गए और उनकी धार्मिक पहचान को लेकर टिप्पणी की गई। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ा एक वीडियो हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं।
प्रो. रचना कौशल का कहना है कि उनके साथ लंबे समय से भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें जानबूझकर सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने 22 सितंबर 2025 को इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति को लिखित शिकायत सौंपी थी। प्रो. कौशल के अनुसार, कुलपति ने उन्हें बुलाकर उनकी बात सुनी और कथित तौर पर विभागाध्यक्ष द्वारा कही गई टिप्पणियों की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनी, लेकिन इसके बाद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
कार्रवाई न होने से निराश होकर उन्होंने एक महीने बाद 22 अक्टूबर 2025 को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन देकर यह जानना चाहा कि उनकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई और कुलपति की क्या टिप्पणी रही। 11 नवंबर 2025 को मिले जवाब में बताया गया कि मामला अभी कुलपति के विचाराधीन है।
प्रो. कौशल ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन की ओर से छात्रों के एक पत्र के संबंध में स्पष्टीकरण देने को कहा गया, लेकिन वह पत्र उन्हें कभी दिखाया ही नहीं गया। उनका कहना है कि एएमयू शिक्षक संघ की ओर से जब इस मुद्दे पर सवाल उठाए गए, तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने संघ को नोटिस जारी कर दिया, जबकि उनकी व्यक्तिगत शिकायत को नजरअंदाज किया गया।
वहीं, विभागाध्यक्ष प्रो. नफीस अंसारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके मार्गदर्शन में कई हिंदू छात्र पीएचडी कर चुके हैं और इस तरह के आरोप तथ्यहीन हैं। फिलहाल, मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए हैं।
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