68,500 शिक्षक भर्ती: नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने SCERT कार्यालय का किया घेराव

HIGHLIGHTS
- 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने लखनऊ में SCERT कार्यालय का घेराव किया।
- अभ्यर्थी पिछले 70 दिनों से नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
- प्रदर्शनकारियों ने भर्ती में आरक्षण संबंधी गड़बड़ियों का आरोप लगाया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2018 में शुरू हुई थी और उन्होंने इसमें आवेदन भी किया था, लेकिन आठ साल गुजरने के बावजूद उन्हें अब तक नियुक्ति नहीं मिल पाई है। उनका दावा है कि अपनी मांगों को लेकर वे मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
मंत्रियों के सामने भी उठाया था आरक्षण का मुद्दा
प्रदर्शनकारी नवीन के मुताबिक, 10 सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। इस बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। नवीन का दावा है कि बातचीत के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी होने की बात स्वीकार की थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी आरक्षण में अनियमितता की बात मान चुके हैं, तो अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति क्यों नहीं दी गई। उनका कहना है कि आयोग की ओर से जारी आदेशों का पालन करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
आयोग के निर्देशों के मुताबिक नियुक्ति की मांग
प्रदर्शनकारी तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती में आरक्षण को लेकर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की गई है। उनके अनुसार, राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी इस मामले में नियमों के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दे चुके हैं।
अभ्यर्थियों की मांग है कि आयोग के आदेशों के अनुसार भर्ती में आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को दूर किया जाए और उन्हें नियुक्ति दी जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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