यूपी में त्योहारों पर अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की।
- दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली के मद्देनजर अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द की गईं।
- सोशल मीडिया पर 24 घंटे निगरानी रखने और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश।
- प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों और बाजारों में पुलिस की तैनाती व गश्त बढ़ाई जाएगी।
आगामी पर्व-त्योहारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा, ताकि पर्वों के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो और उत्सव का माहौल बना रहे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि त्योहारों की खुशियों को उपद्रव में बदलने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अराजकता फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। दीपोत्सव, दीपावली, छठ और देव दीपावली को ध्यान में रखते हुए शासन से लेकर तहसील और थाना स्तर तक के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं।
सोशल मीडिया पर भी 24 घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने, गलत सूचनाएं प्रसारित करने या शरारतपूर्ण बयान देकर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ तत्काल प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में 07 नवंबर को होने वाले भव्य दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंतरजनपदीय और स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था सुचारु रखी जाए। इसके लिए रूट डायवर्जन की योजना पहले ही तैयार कर ली जाए और इसकी जानकारी आम लोगों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए।
प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। धनतेरस और दीपावली के मद्देनजर मुख्य बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास भी 24 घंटे पुलिस निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही सघन पैदल गश्त और सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों को खुद मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और पीआरवी-112 को लगातार सक्रिय रखने को कहा गया है। प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रमों के लिए नियमानुसार तय समय में अनुमति दी जाए। ऐसे आयोजनों की आड़ में जानबूझकर विवाद पैदा करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटाखों की दुकानों और अग्नि सुरक्षा पर विशेष सतर्कता
मुख्यमंत्री ने पटाखों की बिक्री और अग्नि सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले तथा सुरक्षित स्थानों पर ही बनाए जाएं। इनके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) और लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में बेवजह देरी नहीं होनी चाहिए।
अग्निशमन विभाग को पर्याप्त फायर टेंडरों और जरूरी जीवनरक्षक उपकरणों के साथ 24 घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर विकास और पंचायती राज विभाग को मलिन बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक सफाई और प्रकाश व्यवस्था के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। सभी क्षेत्रों में नियमित सैनिटाइजेशन और एंटी-लार्वा फॉगिंग कराई जाए। कहीं भी जलभराव, कूड़े के ढेर या सड़कों पर गड्ढे नहीं रहने चाहिए।
त्योहारों के दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिना रोस्टर के लगातार बिजली आपूर्ति तथा शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। परिवहन विभाग को अतिरिक्त बसें चलाने के लिए कहा गया है। साथ ही अनफिट और डग्गामार वाहनों पर प्रभावी रोक लगाने तथा निजी बस संचालकों की ओर से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जनहित, किसान कल्याण और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। राशन वितरण में घटतौली की शिकायत मिलने पर ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए, जो दूसरों के लिए उदाहरण बने।
सेवानिवृत्त पेंशनरों के चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय त्योहार से पहले हर हाल में उनके बैंक खातों में भेजने को कहा गया है।
खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर होगी कार्रवाई
किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को यूरिया और डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। खाद की कृत्रिम कमी पैदा करने, जमाखोरी करने या निर्धारित कीमत से अधिक दाम पर बेचने वालों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
धान क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उनकी उपज की तौल पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कराई जाए। यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कोई किसान अपनी उपज बेचे बिना निराश होकर क्रय केंद्र से वापस न लौटे।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और विभिन्न जनपदों के वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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