जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर चलती बस में लगी आग, 20 से अधिक यात्रियों की मौत, कई झुलसे

जैसलमेर।: जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी बस मंगलवार दोपहर अचानक आग की लपटों में घिर गई। हादसा इतना भयावह था कि कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह जलकर राख हो गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीन बच्चों और चार महिलाओं समेत लगभग 16 यात्री झुलस गए हैं, जबकि 10 से 12 लोगों के जिंदा जल जाने की आशंका जताई जा रही है।
घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में गंभीर रूप से झुलसे 16 यात्रियों को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया। जोधपुर प्रशासन ने घायलों के शीघ्र उपचार के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया और ट्रॉमा सेंटर खाली करवाकर डॉक्टरों को इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात किया गया।
चलते वाहन में उठने लगा धुआं
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना दोपहर करीब 3:30 बजे जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर थईयात गांव के पास हुई। बस में करीब 57 यात्री सवार थे। लगभग 20 किलोमीटर चलने के बाद अचानक बस के पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। यात्री जान बचाने के लिए खिड़कियां तोड़कर बाहर कूदने लगे। कई लोगों के कपड़े और सामान जल गए।
आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में दमकल और पुलिस की टीम भी पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
शॉर्ट सर्किट और पटाखों से लगी आग की आशंका
पुलिस और दमकल विभाग के प्रारंभिक जांच के अनुसार, बस के इंजन या वायरिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। बाद में यह भी सामने आया कि बस में पटाखों का परिवहन किया जा रहा था, जिससे आग तेजी से फैल गई और वाहन पूरी तरह जल गया।
नगर परिषद के असिस्टेंट फायर ऑफिसर कृष्णपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि जब टीम मौके पर पहुंची, बस आग के गोले में तब्दील हो चुकी थी। आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रारंभिक तौर पर 10 से 12 लोगों की मौत की संभावना है।
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और नेताओं ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “जैसलमेर हादसे में हुई जान-माल की हानि से व्यथित हूं। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी हादसे पर संवेदना प्रकट की और कलेक्टर व एसपी से बात कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री घटना स्थल के लिए रवाना हो गए हैं और लगातार स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा, “यह हादसा अत्यंत हृदयविदारक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायल शीघ्र स्वस्थ हों।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों की दुनिया उजड़ने जैसा हादसा है।
प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
जिला कलेक्टर प्रताप सिंह ने मृतकों के परिजनों से अपील की है कि वे अपने परिजनों की पहचान सुनिश्चित करने हेतु प्रशासन से संपर्क करें। प्रशासन ने सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
📞 9414801400
📞 8003101400
📞 02992-252201
📞 02992-255055
कलेक्टर ने बताया कि 16 घायलों को जोधपुर रेफर किया गया है, जिनमें कई की हालत गंभीर है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने और उनके परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
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