नोएडा पीएनबी घोटाले में खाताधारकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग, कई अधिकारी घेरे में

HIGHLIGHTS
- कथित हेराफेरी की रकम झारखंड के बैंक खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी सामने आई।
- खाताधारकों ने सभी संबंधित बैंककर्मियों की भूमिका की जांच कराने पर जोर दिया।
- पूर्व ब्रांच मैनेजर झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली बताई गई हैं।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की सेक्टर पाई-1 ऐच्छर शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी के मामले में अब पूर्व ब्रांच मैनेजर सहित अन्य बैंक अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। रकम झारखंड के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद खाताधारकों और किसान संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।
खाताधारकों का आरोप है कि बैंक प्रशासन पूरे मामले की जिम्मेदारी निलंबित कर्मचारी दीपांशी पर डाल रहा है और दूसरे अधिकारियों की भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर समेत इस प्रकरण से जुड़े सभी बैंककर्मियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिससे रकम के लेनदेन और कथित हेराफेरी से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके।
पुलिस की जांच में पता चला है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग की रहने वाली हैं। किसान नेता बृजेश भाटी ने आरोप लगाया कि केवल दीपांशी के खिलाफ कार्रवाई करके अन्य बैंककर्मियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बैंक प्रशासन ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि पूर्व ब्रांच मैनेजर और दूसरे अधिकारियों की भूमिका को लेकर क्या जांच की गई है।
बृजेश भाटी के मुताबिक, ज्यादातर रकम आशुतोष पाठक के कहने पर ट्रांसफर की गई थी। आशुतोष पाठक भी झारखंड का निवासी बताया जा रहा है। ऐसे में उसके संपर्कों, बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी है।
तीन संदिग्ध लेनदेन के डेबिट वाउचर का रिकॉर्ड नहीं मिला
बैंक की शिकायत के अनुसार, 16 सितंबर 2026 को एक महिला खाताधारक अपने पति और बेटी के साथ पासबुक अपडेट कराने के लिए शाखा पहुंची थी। पासबुक में खाते से तीन ऐसे लेनदेन दर्ज मिले, जिनके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं थी। महिला ने शाखा प्रमुख से मुलाकात करने की मांग की, लेकिन उस समय वह शाखा में मौजूद नहीं थीं।
आरोप है कि इसी दौरान दीपांशी ने परिवार को इन लेनदेन के सही होने का भरोसा दिलाने की कोशिश की। इसके बाद महिला के पति ने मामले की शिकायत शाखा प्रमुख से की।
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