देवास में शराब तस्करों ने थाना प्रभारी को मिनी ट्रक से कुचला, मौके पर मौत

HIGHLIGHTS
- नेमावर रोड पर रात के समय पुलिस ने जांच के लिए पाइंट लगाया था।
- थाना प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।
- अस्पताल में सीपीआर देकर उन्हें बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
मध्य प्रदेश के देवास जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को तस्करी में शामिल लोगों ने मिनी ट्रक से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
यह घटना देवास जिले के खातेगांव-नेमावर रोड की है। देवास में जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत के बाद पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। रात के समय ट्रकों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में नेमावर रोड पर भी पुलिस ने जांच पाइंट बनाया था। यहां थाना प्रभारी दिलीप पुरी अपने स्टाफ के साथ ड्यूटी पर तैनात थे।
इसी दौरान पुरी ने एक मिनी ट्रक को रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय सीधे थाना प्रभारी पर चढ़ा दिया। मिनी ट्रक उनके सिर और सीने को रौंदते हुए आगे निकल गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां सीपीआर देकर उनकी जान बचाने की कोशिश की गई, लेकिन अधिक खून बह जाने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने शराब तस्करी में शामिल लोगों के खतरनाक इरादों को भी सामने ला दिया है।
वाहन छोड़कर फरार हुआ चालक
थाना प्रभारी को कुचलने के बाद चालक वाहन को डिवाइडर पर चढ़ाकर दूसरी ओर ले गया। पुलिस ने उसका पीछा किया, लेकिन चालक संदलपुर में मिनी ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
दबिश में शामिल अधिकारियों के अनुसार, शराब तस्करी के मामले में हरदा के राहुल जायसवाल का नाम सामने आया है। देवास के तस्करों के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने की बात कही गई है। घटना की जानकारी मिलते ही एसपी आदित्य मिश्रा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
क्या है मामला?
गौरतलब है कि देवास के चंदाना और बिजाना गांवों में 6 से 11 अक्टूबर के बीच जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई थी। शुरुआती जांच में पता चला था कि आरोपियों ने इंदौर से केमिकल खरीदकर नकली शराब तैयार की थी। इस शराब को लाइसेंसी शराब की बोतलों में मिलाकर बेचा जाता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अजय राठौर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि नकली शराब बनाने में इस्तेमाल किया जाने वाला केमिकल इंदौर के महावीर मार्केट स्थित लोहामंडी के एक गोदाम से मंगाया गया था।
इस घटना के बाद आबकारी विभाग ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने में लापरवाही के आरोप में देवास की जिला आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया, कन्नौद-खातेगांव मंडल के सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलेश कुमार पवार और देवास में तैनात आबकारी उपनिरीक्षक राजश्री खन्ना को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा देवास के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को भी उनके पदों से हटा दिया गया था।
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