Gmail में AI Inbox: ईमेल अब खुद करेंगे टास्क और रिप्लाई तैयार

Google ने Gmail में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा एक अहम बदलाव किया है, जिससे ईमेल इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदलने वाला है। कंपनी ने AI Inbox नाम का नया फीचर पेश किया है, जो ईमेल को केवल पढ़ने का जरिया नहीं, बल्कि काम संभालने वाला प्लेटफॉर्म बना देगा। यह AI ईमेल पढ़कर खुद ही जरूरी टास्क पहचान लेगा, जवाब के ड्राफ्ट तैयार करेगा और रिमाइंडर भी सेट करेगा। फिलहाल इस फीचर को अमेरिका में चुनिंदा यूजर्स के लिए टेस्टिंग के तौर पर जारी किया गया है।
क्या है AI Inbox और कैसे करेगा काम
AI Inbox यूजर के ईमेल पढ़ने की आदतों और मेल की भाषा को समझकर अहम संदेशों को प्राथमिकता देगा। यह तय करेगा कि कौन सा मेल तुरंत ध्यान देने लायक है और कौन बाद में देखा जा सकता है। किसी मेल में अगर कोई काम छिपा है—जैसे जवाब देना, फॉलो-अप करना या कोई डेडलाइन पूरी करना—तो AI उसे अपने आप पहचानकर एक टू-डू लिस्ट में जोड़ देगा। कई मामलों में यह पहले से रिप्लाई का मसौदा भी तैयार कर देगा।
ईमेल से सीधे टास्क और रिमाइंडर
नया AI सिस्टम अलग-अलग ईमेल से जरूरी जानकारी निकालकर एक जगह दिखाएगा। चाहे डॉक्टर की अपॉइंटमेंट से जुड़ा मेल हो, ऑफिस का कोई जरूरी जवाब देना हो या किसी भुगतान की आखिरी तारीख—AI इन सबको पहचानकर समय पर याद दिलाएगा। एक ही विषय से जुड़े कई ईमेल हों, तो AI उनका छोटा और आसान सार भी तैयार करेगा, जिससे पूरी बातचीत जल्दी समझ में आ सके।
भविष्य में कॉल और पेमेंट तक पहुंच
Google का कहना है कि आने वाले समय में AI Inbox की क्षमता और बढ़ाई जाएगी। भविष्य में यह फीचर ईमेल के साथ-साथ फोन कॉल करने या पेमेंट जैसी कार्रवाइयों से भी जुड़ सकता है। कंपनी इसे एक ऐसे AI एजेंट के रूप में विकसित करना चाहती है, जो यूजर की ओर से कई डिजिटल काम अपने आप निपटा सके। अभी यह सुविधा सीमित टेस्टर्स के लिए है, लेकिन आगे चलकर इसे सभी यूजर्स के लिए रोल-आउट किया जाएगा।
फ्री और पेड यूजर्स को क्या सुविधाएं
Google ने साफ किया है कि सभी Gmail यूजर्स को AI से बनी ईमेल समरी और पर्सनलाइज्ड ऑटो-रिप्लाई की सुविधा मुफ्त मिलेगी। वहीं, Google One AI Pro जैसे पेड प्लान लेने वालों को एडवांस फीचर्स मिलेंगे, जैसे बेहतर ग्रामर चेक और पुराने ईमेल्स से जवाब खोजने की AI-आधारित सुविधा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अगर AI जरूरत से ज्यादा टास्क सुझाने लगे, तो इससे यूजर पर मानसिक दबाव भी बढ़ सकता है और AI के फैसलों पर भरोसे को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं।
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