मायावती के आरोपों पर अखिलेश यादव का पलटवार, भाजपा-बसपा की सांठगांठ का लगाया आरोप

HIGHLIGHTS
- लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती के ताजा आरोपों पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है।
- सोमवार को लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि मायावती और भारतीय जनता पार्टी के बीच आपसी समझौता मौजूद है, यही कारण है कि वे वर्तमान राजकीय कार्रवाईयों के पक्ष में दिखती हैं।
- अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पीडीए (प्रशासकीय) और सरकारी स्तर पर भेदभाव बढ़ गया है और विपक्षी दलों के साथ अन्याय हो रहा है।
- उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक संघर्ष…
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती के ताजा आरोपों पर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है। सोमवार को लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि मायावती और भारतीय जनता पार्टी के बीच आपसी समझौता मौजूद है, यही कारण है कि वे वर्तमान राजकीय कार्रवाईयों के पक्ष में दिखती हैं।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पीडीए (प्रशासकीय) और सरकारी स्तर पर भेदभाव बढ़ गया है और विपक्षी दलों के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक संघर्ष हमेशा दलित, वंचित और शोषित वर्गों के हित में रहा है और पार्टी ने इनकी सामाजिक-पॉलिटिकल स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर काम किया है।
मायावती के स्मारक रखरखाव संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए सपा प्रमुख ने याद दिलाया कि उनकी सरकार ने स्मारकों के रखरखाव के निर्देश एलडीए को दिए थे और उन्होंने खुद भी कई प्रतिमाएँ लगवाई हैं। अखिलेश ने कहा कि रखरखाव के काम को लेकर वे विस्तृत सूची और उदाहरण दे सकते हैं और भाजपा के नेताओं को इन मामलों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कांशीराम की प्रतिमा रिवर फ्रंट पर लगाने का अपना इरादा भी दोहराया।
सपा प्रमुख ने प्रदेश में थानों में तैनाती और पुलिस की कार्रवाई में पक्षपात का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि कई जगहों पर पीडीए के लोगों के साथ अनुचित व्यवहार देखने को मिल रहा है और कानून-व्यवस्था का कामदार ढंग से नहीं हो रहा।
बरेली हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की घटनाओं का राजनीतिक फायदा उठाने के प्रयास हुए और प्रशासनिक विफलता स्पष्ट है। अखिलेश ने बताया कि स्वयं बरेली और रामपुर में जाने पर अड़चनें आईं और उन्हें कई बार अधिकारियों के साथ बातचीत कर ही वहां पहुंचना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि तीन लोगों की मौत वाली लखनऊ की घटना में पुलिस की भूमिका और उत्तरदायित्व क्या था।
अखिलेश ने यह भी कहा कि वे 'बुलडोजर संस्कृति' के खिलाफ हैं और किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ खड़े रहेंगे। उनके अनुसार, जो लोग जुल्म करने वालों की सराहना करते हैं, उनसे ज्यादा कहा नहीं जा सकता — जनता आगे सही फैसला करेगी।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.