अंबरनाथ में कांग्रेस के सभी निलंबित 12 पार्षद भाजपा में शामिल

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ नगर परिषद में हालिया चुनावों के बाद राजनीतिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा ने कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को तुरंत खारिज कर दिया और इसके बाद कांग्रेस ने अपने 12 नए पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष को निलंबित कर दिया। हालांकि, निलंबन के कुछ ही समय बाद ये सभी 12 पार्षद भाजपा में शामिल हो गए। बुधवार देर रात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने औपचारिक रूप से इन पार्षदों का स्वागत किया।
कांग्रेस की कानूनी तैयारी
महाराष्ट्र कांग्रेस ने गुरुवार (08 जनवरी) को कहा कि वह इन 12 पार्षदों को अयोग्य ठहराने के लिए कानूनी कदम उठाएगी। ये पार्षद कांग्रेस के सिंबल पर चुने गए थे और बाद में भाजपा में चले गए। पार्टी ने इसे अवैध और असांविधानिक करार दिया है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि इस तरह का दल-बदल न केवल अनैतिक है बल्कि संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन भी है।
सावंत ने आगे बताया, "कांग्रेस पार्टी इन पार्षदों की सदस्यता रद्द करवाने के लिए कानूनी कार्रवाई करेगी। जल्द ही सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि किसी पार्टी के सिंबल पर चुने जाने के बाद दूसरी पार्टी में शामिल होना पूरी तरह से अवैध माना जाएगा।
पार्टी गठबंधन और चुनाव परिणाम
जानकारी के अनुसार, 20 दिसंबर को हुए अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ गठबंधन किया था। इस गठबंधन के बाद भाजपा की कुल 31 सीटें हो गई थीं, जबकि शिवसेना 27 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी। भाजपा पार्षद तेजश्री करंजुले पाटिल को परिषद अध्यक्ष चुना गया, उन्होंने शिवसेना की मनीषा वालेकर को हराया। कांग्रेस ने गठबंधन को लेकर विरोध जताते हुए अपने अंबरनाथ ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल और अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की।
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