शामली में आंगनबाड़ी कर्मियों का कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

शामली। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में जुटीं कर्मियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों ने कहा कि वे वर्षों से महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रही हैं। पोषण अभियान, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल जैसी केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं के सफल संचालन में उनकी अहम भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आज तक पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया।
कर्मियों का कहना था कि पूर्व में भी कई बार अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर ज्ञापन दिए गए, लेकिन आश्वासन के सिवा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने मांग की कि उन्हें नियमित कर्मचारी घोषित करते हुए निश्चित वेतनमान, भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और सवेतन चिकित्सा अवकाश जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कर्मियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित करने, सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन व ग्रेच्युटी का लाभ देने तथा योग्यता के आधार पर पदोन्नति की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई।
आंगनबाड़ी कर्मियों ने यह भी कहा कि पोषण ट्रैकर के ऑनलाइन कार्य के लिए उन्हें स्वयं के संसाधन इस्तेमाल करने पड़ रहे हैं। इसके लिए 5जी मोबाइल फोन खरीदने हेतु कम से कम 20 हजार रुपये की सहायता राशि और मोबाइल रिचार्ज व डाटा के लिए प्रतिमाह ढाई हजार रुपये भत्ता दिए जाने की मांग की गई।
इस दौरान ललिता शर्मा, बेबी शर्मा, मोनिका शर्मा, सुनीता, बबीता सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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