‘15 दिन में माफी मांगो...’, चौटाला परिवार में बढ़ा विवाद, अजय चौटाला ने कर्ण को भेजा लीगल नोटिस

हिसार। 1990 में रोहतक जिले के महम कांड को लेकर इनेलो नेता कर्ण चौटाला द्वारा दिए गए हालिया बयान ने राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। कर्ण चौटाला ने एक मीडिया इंटरव्यू में दावा किया था कि उस समय दर्ज एफआईआर में जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला का नाम शामिल था। इस पर जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने कड़ा एतराज जताते हुए इसे पार्टी अध्यक्ष की छवि खराब करने का प्रयास बताया है।
जजपा के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई ने इनेलो नेता कर्ण चौटाला को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर इंटरनेट पर सार्वजनिक माफी मांगने और संबंधित वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म से हटाने की मांग की गई है।
जजपा बोली – आरोप पूरी तरह बेबुनियाद
नोटिस में कहा गया है कि कर्ण चौटाला ने तथ्यों से परे और गलत तरीके से बयान दिया है। एफआईआर में डॉ. अजय सिंह चौटाला का नाम कभी शामिल नहीं रहा। इस तरह के आरोपों से जजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
जजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि एक मार्च 1990 को थाना महम में दर्ज एफआईआर नंबर 76 में शिकायतकर्ता धर्मपाल निवासी मदीना (रोहतक) ने अभय सिंह चौटाला को नामजद किया था, न कि अजय सिंह चौटाला को। मामले की सच्चाई प्रदेश के लोगों के सामने पहले से है, फिर भी कर्ण चौटाला ने राजनीतिक लाभ के लिए गलत बयान दिया है।
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