AI की मदद से Apple की सुरक्षा पर बड़ा दावा, macOS M5 चिप में खामी का खुलासा

नई दिल्ली। Apple की मजबूत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लंबे समय से भरोसा जताया जाता रहा है, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने कंपनी की साइबर सिक्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्च स्टार्टअप ‘Calif’ ने दावा किया है कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से macOS सिस्टम में गंभीर खामियां खोज निकाली हैं।
कंपनी के अनुसार, उसके शोधकर्ताओं ने Apple के लेटेस्ट M5 चिप आधारित सिक्योरिटी सिस्टम में एक ऐसा “वर्किंग एक्सप्लॉइट” तैयार किया है, जो सुरक्षा परत को बायपास करने में सक्षम है। यह पूरा प्रयोग एक सप्ताह से भी कम समय में विकसित किया गया। इस प्रक्रिया में Anthropic के AI मॉडल ‘Mythos Preview’ की भी सहायता ली गई।
Apple की सिक्योरिटी पर सवाल
कैलिफ (Palo Alto स्थित रिसर्च फर्म) का कहना है कि उसने Apple के Memory Integrity Enforcement (MIE) सिस्टम में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया है। यह फीचर हार्डवेयर आधारित सुरक्षा प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य मेमोरी करप्शन जैसे साइबर हमलों को रोकना है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह अब तक का पहला सार्वजनिक रूप से ज्ञात macOS कर्नेल-लेवल अटैक है, जो M5 चिप पर मौजूद MIE सुरक्षा को बायपास करने में सक्षम पाया गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस एक्सप्लॉइट में दो सॉफ्टवेयर बग्स और कई तकनीकों को जोड़कर सिस्टम की सुरक्षा परत को तोड़ा गया।
कंपनी का यह भी दावा है कि यदि इस तकनीक को अन्य एक्सप्लॉइट्स के साथ जोड़ा जाए तो यह संभावित रूप से Mac डिवाइस का पूरा नियंत्रण हासिल करने में इस्तेमाल हो सकता है।
कैसे तैयार हुआ यह एक्सप्लॉइट?
कैलिफ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया गया। रिसर्चर ब्रूस डांग ने 25 अप्रैल को शुरुआती खामियां खोजीं, जबकि 27 अप्रैल को साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ डियोन ब्लाज़ाकिस टीम में शामिल हुए। इसके बाद 1 मई तक एक कार्यशील एक्सप्लॉइट तैयार कर लिया गया।
कंपनी ने यह भी कहा कि AI मॉडल ने पैटर्न पहचानने और तकनीकी विश्लेषण में मदद की, लेकिन वास्तविक विकास में मानव विशेषज्ञों की भूमिका सबसे अहम रही।
Apple की प्रतिक्रिया
Apple ने पुष्टि की है कि वह इस रिपोर्ट की समीक्षा कर रहा है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, “सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और हम किसी भी संभावित खतरे की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हैं।”
कैलिफ ने अपनी 55 पन्नों की रिपोर्ट Apple को सीधे कैलिफोर्निया में एक बैठक के दौरान सौंप दी है और कहा है कि कंपनी द्वारा सुधार किए जाने के बाद तकनीकी विवरण सार्वजनिक किए जाएंगे।
यह मामला इस बढ़ती बहस को और मजबूत करता है कि कैसे AI तकनीक भविष्य में साइबर सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना सकती है।
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