सोनम वांगचुक ने परीक्षा संशोधन विधेयक का किया स्वागत, छात्रों पर कार्रवाई न करने की अपील

HIGHLIGHTS
- सोनम वांगचुक ने सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक का स्वागत किया और शिक्षा सुधार की उम्मीद जताई।
- उन्होंने सरकार से छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने के आश्वासन का सम्मान करने की अपील की।
- सीजेपी ने लंबित मामलों और एफआईआर वापस लेने का लिखित आश्वासन मांगा है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार को संसद में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (संशोधन) विधेयक का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विधेयक देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार लाने में मदद करेगा।
वांगचुक ने सरकार से अपील की कि वह छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई न करने के लिखित आश्वासन का सम्मान करे। यह आश्वासन हाल में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को लेकर दिया गया था।
वंदे भारत यात्रा को बताया शानदार अनुभव
वांगचुक ने एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में अपनी बात रखी। यह वीडियो उन्होंने लद्दाख यात्रा के दौरान जारी किया था।
उन्होंने दिल्ली से श्रीनगर तक वंदे भारत ट्रेन से सफर किया और चेनाब रेल पुल को पार करने के अनुभव को बेहद सुंदर बताया। वांगचुक ने भारतीय रेलवे पर गर्व जताते हुए कहा कि वह और उनकी टीम लद्दाख जाने से पहले कश्मीर में एक दिन बिताएंगे।
उन्होंने परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से लाए गए विधेयक पर खुशी जाहिर की। साथ ही उम्मीद जताई कि यह सुधार सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव लाएगा।
सरकार और युवाओं के बीच विश्वास जरूरी
वांगचुक ने कहा कि सरकार और युवाओं के बीच विश्वास होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यही विश्वास एक "महान राष्ट्र और महान भारत" के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।
उनकी यह अपील ऐसे समय आई है जब सीजेपी लगातार मांग कर रहा है कि सरकार छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज न करने को सुनिश्चित करे। ये छात्र और प्रदर्शनकारी सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में शामिल थे।
सीजेपी ने रखीं अपनी मांगें
सीजेपी ने सरकार से सभी लंबित मामलों और एफआईआर वापस लेने को लेकर लिखित आश्वासन देने की मांग की है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इन वादों को पूरा नहीं करती है तो वह अपना विरोध प्रदर्शन दोबारा शुरू कर सकता है। सीजेपी का कहना है कि यह मांग छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए की जा रही है और सरकार को अपने वादों को पूरा करना चाहिए।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.