अशोक खरात कांड: एनसीपी नेता रुपाली चाकणकर से एसआईटी की लंबी पूछताछ

महाराष्ट्र में स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े कथित घोटालों और आपराधिक मामलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। इस मामले में अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता रुपाली चाकणकर भी जांच के दायरे में आ गई हैं। रविवार को वह विशेष जांच दल (SIT) के सामने पूछताछ के लिए पहुंचीं, जहां उनसे कई अहम बिंदुओं पर सवाल किए गए।
एसआईटी के सामने पेश हुईं रुपाली चाकणकर
सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस अकादमी में दोपहर करीब 12:30 बजे पूछताछ शुरू हुई। अशोक खरात पर दुष्कर्म, यौन शोषण, जमीन कब्जाने, वित्तीय गड़बड़ी और काले जादू के नाम पर लोगों को ठगने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इन्हीं मामलों की जांच के लिए राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है।
इस विवाद के बाद रुपाली चाकणकर ने राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद और एनसीपी महिला विंग के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था। पूछताछ के बाद उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देंगी और सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार हैं।
बाबा खरात से संबंधों की हो रही जांच
जांच एजेंसियां रुपाली चाकणकर और अशोक खरात के बीच कथित संबंधों की पड़ताल कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक, दोनों कुछ धार्मिक कार्यक्रमों और अनुष्ठानों में साथ दिखाई दिए थे। बाबा अशोक खरात श्री ईशानेश्वर महादेव मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष बताया जा रहा है, जबकि रुपाली इस ट्रस्ट से जुड़ी रही हैं।
एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि खरात ने कथित तौर पर रुपाली की बहन के बैंक खाते का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया।
कॉल रिकॉर्ड्स को लेकर बढ़ा विवाद
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने भी इस मामले में कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रुपाली चाकणकर और अशोक खरात के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई थी। दमानिया ने कॉल रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए पूरे मामले की गहन जांच की मांग की।
हालांकि, रुपाली चाकणकर ने इन आरोपों पर सीधे प्रतिक्रिया देने से बचते हुए कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
राजनीति में भी तेज हुई बयानबाजी
इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने दावा किया कि कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आने के कारण आरोपी बाबा की सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखेंगे।
वहीं भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कांग्रेस पर बिना सबूत आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि यदि किसी मंत्री का नाम है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
महिलाओं के शोषण समेत कई गंभीर आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबा अशोक खरात कथित तौर पर धार्मिक और ज्योतिषीय उपायों के नाम पर महिलाओं को अपने प्रभाव में लेता था। उसके खिलाफ महिलाओं के शारीरिक और मानसिक शोषण के साथ-साथ महाराष्ट्र के काला जादू विरोधी कानून के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।
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