मकर संक्रांति पर अयोध्या तैयार, पांच लाख से ज्यादा भक्त लगाएंगे सरयू में डुबकी

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आज रामनगरी अयोध्या में आस्था और श्रद्धा का विशाल संगम देखने को मिल सकता है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक सरयू स्नान के लिए लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। तड़के भोर से ही सरयू घाटों पर स्नान और दान-पुण्य का क्रम शुरू हो जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। नयाघाट स्थित मेला कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है।
अयोध्या के साथ-साथ अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा और बस्ती समेत आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंच रहे हैं। मकर संक्रांति पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के कारण स्नान-दान का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है, जिससे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इससे पहले एकादशी तिथि पर भी हजारों भक्तों ने सरयू में स्नान कर मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। रामलला और हनुमंतलला के दर्शन के लिए मंदिरों में लंबी कतारें लगी रहीं। माघ मेले की अवधि तक नयाघाट पर खोया-पाया केंद्र भी लगातार संचालित रहेगा।
बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी मकर संक्रांति
धर्माचार्य पंडित कौशल्यानंदन वर्धन के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व बृहस्पतिवार को मनाया जाएगा। 14 जनवरी को दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य उत्तरायण हुए हैं। अयोध्या में उदया तिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए स्नान-दान का पुण्यकाल बृहस्पतिवार सुबह माना गया है। प्रातः 4:51 बजे से 5:44 बजे तक का समय विशेष फलदायी रहेगा। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति और मानसिक शांति मिलती है। इस अवसर पर रामनगरी के अधिकांश मंदिरों में भगवान को खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा और विशेष पूजन-अनुष्ठान संपन्न होंगे।
राम मंदिर और सूर्य मंदिर में विशेष आयोजन
राम मंदिर में मकर संक्रांति का पर्व विधि-विधान से मनाया जाएगा। रामलला को लगभग डेढ़ क्विंटल खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा, जिसे बाद में श्रद्धालुओं में प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। इसके लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहयोग राशि भी समर्पित की है। मंदिर परिसर स्थित सूर्य मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सूर्यदेव की विशेष आराधना, हवन और पूजन किया जाएगा। वहीं कारसेवकपुरम में खिचड़ी भोज का आयोजन होगा, जिसमें संघ, विहिप कार्यकर्ताओं और मंदिर व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को आमंत्रित किया गया है। अन्य मंदिरों में भी खिचड़ी का भोग अर्पित किया जाएगा।
मकर संक्रांति पर दान का विशेष महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति पर काले तिल, गुड़, कंबल, खिचड़ी, धन-दक्षिणा और गाय के घी का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इन वस्तुओं का दान करने से ग्रहों से जुड़ी बाधाएं कम होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम
मकर संक्रांति और माघ मेले के दौरान अयोध्या धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नगर निगम ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। नगर निगम द्वारा 24 घंटे सफाई व्यवस्था लागू की गई है। प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और चेंजिंग रूम की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में कुल 960 मेला कर्मी और 528 अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए गए हैं। सफाई कार्य को तीन पालियों में संचालित किया जा रहा है।
नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के अनुसार बीएमएस, एंटी स्मॉग गन, मैकेनाइज्ड सफाई मशीनें और पीए सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। 15 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो गोवंशों को सुरक्षित गोशालाओं तक पहुंचा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में 19 मोबाइल टॉयलेट और कई सामुदायिक शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं। ठंड को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन 345 स्थानों पर अलाव और 36 जगह गैस हीटर की व्यवस्था की गई है।
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