पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में राज्य की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई अहम प्रशासनिक फैसलों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान केंद्र सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।
आयुष्मान भारत योजना को मिलेगा राज्य में विस्तार
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना को जल्द लागू किया जाएगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को भी राज्य में प्रभावी रूप से लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही उन्होंने चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी पक्षों—चुनाव आयोग, सुरक्षा बलों, प्रशासन और राजनीतिक दलों—के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
प्रभावित परिवारों पर जांच की बात
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हालिया संघर्षों के दौरान जिन 321 लोगों की मौत हुई है, यदि उनके परिवार चाहेंगे तो सरकार उनकी जांच कराने के लिए तैयार है। यह निर्णय पूरी तरह परिजनों की इच्छा पर निर्भर करेगा।
सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी अहम फैसला
बैठक में सीमावर्ती इलाकों को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से सीमावर्ती क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसे अगले 45 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आयुष्मान भारत योजना क्या है?
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत केंद्र सरकार ने 2018 में की थी, जिसे अब प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है।
लाभार्थियों को आयुष्मान गोल्डन कार्ड प्रदान किया जाता है, जिसके जरिए वे सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
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