बरेली में अवैध निर्माण पर बीडीए की कार्रवाई, वाहिद बेग का बरातघर ध्वस्त

बरेली में 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी बताए जा रहे प्रॉपर्टी डीलर वाहिद बेग के बरातघर पर मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। सुबह करीब 11:30 बजे पोकलेन मशीन और दो बुलडोजर लगाकर बरातघर को जमींदोज किया गया।
कार्रवाई शुरू होते समय कुछ महिलाओं ने विरोध का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता के चलते विरोध प्रभावी नहीं हो सका और बीडीए ने नियमानुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई आगे बढ़ाई।
इज्जतनगर थाना क्षेत्र के फरीदापुर चौधरी गांव स्थित इस बरातघर को लेकर बीडीए का कहना है कि निर्माण के लिए कोई स्वीकृत मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। ध्वस्तीकरण के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट के रूप में रामजन्म यादव को तैनात किया था। एटीएम सिटी सौरभ दुबे भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस व्यवस्था की कमान एसपी सिटी मानुष पारीक के पास थी, जबकि बीडीए की ओर से संयुक्त सचिव दीपक कुमार अपनी टीम के साथ कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे।
नोटिस और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी
बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार ने बताया कि ग्राम फरीदापुर चौधरी, सिकलापुर रोड पर लगभग 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में बाउंड्री कवर के साथ बरातघर का निर्माण किया गया था, लेकिन मौके पर किसी प्रकार का स्वीकृत नक्शा नहीं पाया गया। इस संबंध में छह अक्तूबर को नोटिस जारी कर बरातघर को सील किया गया था।
नोटिस पर सुनवाई के लिए 18 अक्तूबर की तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन वाहिद बेग उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद 11 नवंबर को उनके भाई आविद बेग ने प्रार्थना पत्र के साथ शासन में दायर पुनरीक्षणवाद से संबंधित विशेष सचिव के चार नवंबर के आदेश की प्रति प्रस्तुत की थी।
नियमों के तहत अंतिम निर्णय
संयुक्त सचिव ने बताया कि विशेष सचिव द्वारा जारी आदेश में पुनरीक्षणकर्ता को सुनवाई का अवसर देने और उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरणों की मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि तथा मॉडल जोनिंग रेगुलेशन्स-2025 के तहत प्रकरण का निस्तारण करने के निर्देश थे। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अब बरातघर को ध्वस्त किया गया है।
बवाल की साजिश की जांच में सामने आया नाम
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि बीडीए द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की जा रही है और सुरक्षा के लिहाज से पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को शहर में हुए बवाल की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि फरीदापुर चौधरी क्षेत्र में एक बैठक हुई थी, जहां कथित रूप से साजिश रची गई थी। हालांकि बरातघर पर की गई कार्रवाई बीडीए के नियमों के अंतर्गत की गई है।
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