टीएमसी समर्थक महिलाओं पर भाजपा नेता की टिप्पणी से बवाल, पार्टी ने बनाई दूरी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा के एक नेता के बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। भाजपा की राज्य समिति के सदस्य कालीपद सेनगुप्ता ने तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने वाली महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद उनकी पार्टी ने खुद को उस बयान से अलग कर लिया।
शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटाल अंतर्गत दासपुर में आयोजित भाजपा की संकल्प जनसभा के दौरान कालीपद सेनगुप्ता ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के कारण तृणमूल कांग्रेस को वोट देने वाली महिलाओं को “घर तक सीमित” रखा जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य सरकार महिलाओं को हर महीने 1000 से 1200 रुपये की सहायता देती है।
इस बयान के सामने आते ही तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर महिलाओं का अपमान करने का आरोप लगाया। घाटाल के तृणमूल विधायक और संगठनात्मक जिला अध्यक्ष अजीत मैती ने कहा कि इस तरह की सोच भाजपा की मानसिकता को दर्शाती है, जहां महिलाओं के सम्मान की कोई जगह नहीं है।
विवाद बढ़ने पर भाजपा के घाटाल संगठनात्मक जिला अध्यक्ष तन्मय दास ने स्पष्ट किया कि पार्टी कालीपद सेनगुप्ता की टिप्पणी से सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं की सक्रिय भागीदारी में विश्वास रखती है और उन्हें घरों में सीमित करने जैसी सोच पार्टी की नीति नहीं है।
हालांकि, कालीपद सेनगुप्ता अपने बयान पर कायम नजर आए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनके कथन को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। उनका दावा है कि उनका आशय यह था कि तृणमूल कांग्रेस को वोट देकर महिलाएं अपने बच्चों के भविष्य को नुकसान पहुंचा रही हैं, न कि उन्हें शाब्दिक रूप से नजरबंद करने की बात।
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