बुढ़ाना बैंक में भाकियू ने की तालाबंदी, अंदर बंद हुए डीआरएम और आरएम

HIGHLIGHTS
- बुढ़ाना के सर्व ग्रामीण यूपी बैंक में भाकियू का धरना 25वें दिन भी जारी रहा।
- गुरुवार देर रात कार्यकर्ताओं ने बैंक में तालाबंदी कर दी।
- डीआरएम नवदीप सिंह और आरएम अजय प्रताप सिंह बैंक के अंदर बंद हो गए।
बुढ़ाना कस्बे के डीएवी रोड स्थित सर्व ग्रामीण यूपी बैंक में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का आंदोलन लगातार जारी है। किसानों और व्यापारियों की फंसी रकम वापस दिलाने की मांग को लेकर बैंक के बाहर चल रहा धरना 25वें दिन भी जारी रहा। इसी बीच गुरुवार देर रात भाकियू कार्यकर्ताओं ने बैंक में तालाबंदी कर दी, जिसके चलते डीआरएम नवदीप सिंह और आरएम अजय प्रताप सिंह बैंक के अंदर ही बंद हो गए।
दरअसल, बैंक में करीब 15 से 16 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है। भाकियू लगातार किसानों और व्यापारियों की जमा रकम वापस कराने की मांग उठा रही है।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस अधिकारी
बैंक में तालाबंदी की सूचना मिलने पर बुढ़ाना तहसीलदार भूपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ बुढ़ाना पुलिस के क्राइम इंस्पेक्टर भी पुलिस टीम लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने बैंक का ताला खुलवाया और अंदर बंद डीआरएम व आरएम को बाहर निकाला। इसके बाद किसान नेताओं और बैंक अधिकारियों के बीच बातचीत हुई।
13 से 16 नवंबर के बीच भुगतान शुरू करने का आश्वासन
बैंक के आरएम अजय प्रताप सिंह ने बताया कि इस मामले में उनकी जीएम से बातचीत हुई है। जीएम की ओर से किसानों और व्यापारियों का भुगतान 13 से 16 नवंबर के बीच शुरू कराने का भरोसा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन खाताधारकों की रकम बैंक में फंसी हुई है, वे 16 नवंबर के बाद बैंक पहुंचकर भुगतान से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बैंक की ओर से सभी खाताधारकों का पैसा वापस करने की बात कही गई है। किसी भी खाताधारक का भुगतान नहीं रोका जाएगा।
भाकियू ने ब्याज सहित पूरी रकम लौटाने की मांग की
भाकियू के जिला महासचिव अनुज बालियान ने बैंक अधिकारियों पर लगातार गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिकारी बार-बार आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन किसानों और व्यापारियों की रकम वापस करने को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। भाकियू की मांग है कि सभी प्रभावित लोगों को उनकी पूरी रकम ब्याज सहित वापस की जाए।
तहसीलदार भूपेंद्र सिंह ने भी किसानों को भरोसा दिलाया कि 13 से 16 नवंबर के बीच भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद भाकियू कार्यकर्ताओं ने बैंक का ताला खोल दिया।
रकम वापस मिलने तक जारी रहेगा धरना
भाकियू के तहसील अध्यक्ष संजीव पवार ने स्पष्ट किया कि अधिकारियों की ओर से मिले आश्वासन के बावजूद आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों और व्यापारियों की पूरी रकम वापस नहीं मिल जाती, तब तक बैंक के बाहर भाकियू का धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.