जंतर-मंतर आंदोलन खत्म होते ही दिल्ली में लौटी रौनक, सामान्य हुआ ट्रैफिक

HIGHLIGHTS
- जंतर-मंतर पर आंदोलन खत्म होने के बाद लुटियंस दिल्ली में हालात सामान्य हो गए और सुरक्षा इंतजाम हटाए गए।
- प्रशासन ने रातभर सफाई अभियान चलाकर पोस्टर, बैनर और अन्य सामान हटाकर क्षेत्र को साफ किया।
- यातायात व्यवस्था बहाल होने से वाहन चालकों और आम लोगों को राहत मिली।
दिल्ली: प्रदर्शन, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के चलते एक सप्ताह तक प्रभावित रही लुटियंस दिल्ली अब फिर से सामान्य स्थिति में लौट आई है। शनिवार रात आंदोलन खत्म होने के बाद रविवार को प्रशासन ने रातभर सफाई अभियान चलाकर इलाके को पहले जैसा कर दिया।
सुबह तक जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास की सड़कों से पोस्टर, बैनर, प्लास्टिक की बोतलें और अन्य सामान हटा दिया गया। प्रदर्शन से जुड़े लगभग सभी निशान मिटा दिए गए। इसके साथ ही अस्थायी बैरिकेड और सुरक्षा नाकों को भी हटा दिया गया।
इसके बाद संसद मार्ग, अशोक रोड, जनपथ, कनॉट प्लेस, विंडसर प्लेस, बाबा खड़क सिंह मार्ग और मंडी हाउस की ओर जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर यातायात सामान्य हो गया। कई दिनों से डायवर्जन और जाम की परेशानी झेल रहे वाहन चालकों, दफ्तर जाने वालों और टैक्सी-ऑटो चालकों को राहत मिली। उनका कहना था कि रूट बदलने से समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही थी, लेकिन रविवार को सफर पहले की तरह आसान रहा।
आंदोलन के दौरान जंतर-मंतर के अलावा मोबाइल फोन और सोशल मीडिया भी विरोध का बड़ा माध्यम बने। इंटरनेट के दौर की युवा पीढ़ी ने प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों, भाषणों और नारों को मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। वीडियो, तस्वीरें और मीम्स तेजी से वायरल हुए, जिससे आंदोलन को व्यापक पहचान मिली और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़े।
टॉलस्टॉय मार्ग की दीवारें फिर लौटीं पुराने स्वरूप में
वहीं, जंतर-मंतर और टॉलस्टॉय मार्ग की दीवारों को भी रातों-रात पहले जैसा कर दिया गया। नगर परिषद के कर्मचारियों ने सफेद रंग से ग्रैफिटी, नारों और संदेशों को ढक दिया। इंपीरियल होटल के सामने की लंबी दीवार पर युवाओं ने लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और बदलाव जैसे विषयों पर अपने विचार लिखे थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है।
पेड़ों, लोहे के गेटों और फुटपाथों पर बने अधिकतर निशान भी साफ कर दिए गए। रविवार शाम तक जंतर-मंतर का पूरा इलाका ऐसा नजर आने लगा, जैसे यहां पिछले सप्ताह हजारों युवाओं का जमावड़ा हुआ ही नहीं था। प्रशासन के अनुसार, सार्वजनिक संपत्ति को पहले जैसी स्थिति में लाने और क्षेत्र को सामान्य बनाने के लिए यह अभियान चलाया गया।
इंडिया गेट और सेंट्रल विस्टा में फिर बढ़ी चहल-पहल
आंदोलन समाप्त होने के बाद सबसे ज्यादा राहत आम लोगों और वाहन चालकों को मिली। पिछले कई दिनों से जहां कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में काफी समय लग रहा था, वहीं रविवार को बिना किसी डायवर्जन के लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंचे।
छुट्टी होने के कारण इंडिया गेट, सेंट्रल विस्टा और आसपास के इलाकों में परिवारों और पर्यटकों की चहल-पहल भी वापस लौट आई। लोगों का कहना था कि कई दिनों बाद राजधानी में बिना सायरन, जाम और पुलिस की रोक-टोक के शांतिपूर्ण रविवार का अनुभव हुआ।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.