महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को कैबिनेट ने दी मंजूरी, संसद में होगा पेश

देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून में संशोधन के मसौदे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत लोकसभा की कुल सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और इनमें से 33 प्रतिशत यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि यह बदलाव 2029 के आम चुनाव से लागू हो जाए।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। यह संशोधन नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा है। संसद का विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक बुलाया गया है, जिसमें इस बिल को पारित कराने का कार्यक्रम तय है।
प्रस्तावित बदलाव:
- लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 816 की जाएंगी।
- कुल 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
- अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए भी आरक्षण का प्रावधान रहेगा।
यह पूरी व्यवस्था महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देने और उनके राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
पहले कानून में देरी की आशंका:
2023 में महिला आरक्षण कानून पास हुआ था, लेकिन इसे लागू करने के लिए 2027 की जनगणना और उसके बाद परिसीमन जरूरी था, जिससे इसे लागू करने में 2034 तक का समय लग सकता था। अब सरकार ने 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर इसे जल्द लागू करने का निर्णय लिया है।
राज्यों की विधानसभाओं में भी लागू:
यह आरक्षण सिर्फ लोकसभा तक सीमित नहीं रहेगा। राज्यों की विधानसभाओं में भी इसी तरह महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। प्रत्येक राज्य में आबादी के अनुपात के हिसाब से महिलाओं को सीटें मिलेंगी, जिससे राज्यों में भी महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी।
कब से लागू होगा नया कानून:
सरकार की योजना है कि यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू हो जाए। इसके बाद आगामी लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों की विधानसभा चुनावों में महिलाओं को आरक्षित सीटों का लाभ मिलेगा। इसमें ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कहा था कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा है और सभी राजनीतिक दलों को इसे बिना राजनीति के समर्थन देना चाहिए। उन्होंने सभी पार्टियों से अपील की कि वे देश की माताओं और बहनों का भरोसा जीतने के लिए इस कानून का समर्थन करें।
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