मुजफ्फरनगर में बादल ठाकुर आत्महत्या मामले में 36 घंटे बाद मुकदमा दर्ज, ब्लैकमेलिंग के आरोप

HIGHLIGHTS
- बादल ठाकुर आत्महत्या मामले में पुलिस ने करीब 36 घंटे बाद FIR दर्ज की।
- बेटे करण कुमार की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
- शिकायत में 3.50 लाख रुपये मांगने और खबर चलाने की धमकी देने का आरोप है।
मुजफ्फरनगर। शहर कोतवाली क्षेत्र के खांजापुर निवासी बादल ठाकुर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने करीब 36 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया है। मृतक के बेटे करण कुमार की शिकायत पर सन्नी वर्मा, उनकी पत्नी और निखिल रुस्तम के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए गए हैं।
रविवार रात करीब 9 बजे दर्ज एफआईआर के अनुसार, मकान को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच 20 अक्टूबर को 3.50 लाख रुपये की मांग की गई थी। करण कुमार का आरोप है कि लगातार दबाव और धमकियों से परेशान होकर उनके पिता ने 23 अक्टूबर को आत्महत्या कर ली थी।
मकान के भुगतान के बाद भी जारी रहा विवाद
करण कुमार ने शहर कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता बादल कुमार का सन्नी वर्मा और उनकी पत्नी के साथ मकान को लेकर विवाद चल रहा था। शिकायत के मुताबिक, मकान का पूरा भुगतान 14 नवंबर 2023 को कर दिया गया था। इसमें सन्नी वर्मा की ओर से अदालत में शपथपत्र दिए जाने का भी जिक्र किया गया है। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि भुगतान के बावजूद विवाद खत्म नहीं हुआ।
3.50 लाख रुपये मांगने और धमकी देने का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 20 अक्टूबर 2026 को 3.50 लाख रुपये की मांग की गई थी। करण कुमार के अनुसार, निखिल रुस्तम खुद को पत्रकार बताता था और महावीर चौक स्थित उनकी दुकान पर पहुंचकर पैसे मांगता था। आरोप है कि रकम नहीं देने पर खबर चलाने की धमकी दी जाती थी।
इसके अलावा, महावीर चौक के पास दुकान चलाने वाले सागर और निशांत पर भी दुकान बंद कराने तथा झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं।
23 अक्टूबर को फांसी लगाकर की थी आत्महत्या
परिवार के मुताबिक, 23 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे बादल ठाकुर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद उनके बेटे करण कुमार ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
अब मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी। इसमें मकान के भुगतान से संबंधित दस्तावेजों, कथित तौर पर की गई पैसों की मांग, धमकियों और आत्महत्या से पहले की परिस्थितियों की जांच की जाएगी।
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