जामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग पर प्रदर्शन जारी, निश्चित तारीख घोषित करने पर अड़े छात्र

HIGHLIGHTS
- जामिया में वर्ष 2006 से छात्र संघ चुनाव नहीं होने को लेकर छात्रों ने नाराजगी जताई।
- विश्वविद्यालय ने संविधान स्वीकृत होने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया।
- प्रदर्शन के दौरान जारी निलंबन आदेश और शो-कॉज़ नोटिस रद्द किए गए।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ की बहाली को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्र संघ चुनाव कराने के संबंध में आदेश जारी किए जाने के बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने को तैयार नहीं हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि प्रशासन बिना देरी किए चुनाव की निश्चित तारीख घोषित करे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों ने रखीं मांगें
जामिया नगर स्थित स्येदा मंजिल में 'जामिया कलेक्टिव' की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की। इस दौरान उन्होंने अपनी प्रमुख मांगें सामने रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर चिंता जताई।
चुनाव की निश्चित तारीख घोषित करने की मांग
छात्रों का कहना है कि वर्ष 2006 से विश्वविद्यालय में छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में प्रशासन को देरी करने के बजाय चुनाव की स्पष्ट तारीख तय कर उसकी घोषणा करनी चाहिए। छात्रों ने चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग भी उठाई।
अधिकारियों के इस्तीफे और पद समाप्त करने की मांग
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) से जुड़े छात्रों और वक्ताओं ने सुरक्षा सलाहकार का पद समाप्त करने तथा मुख्य प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षा सलाहकार के पद का इस्तेमाल छात्रों की निगरानी के लिए किया जा रहा है।
छात्रों ने रखीं अन्य मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों ने छात्र संघ के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति में छात्रों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को पूरी तरह वापस लेने और उनके विरुद्ध कथित बल प्रयोग की जांच कराने की मांग भी उठाई।
परिसर में सुरक्षा बलों की तैनाती पर सवाल
छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों की तैनाती पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि तनावपूर्ण माहौल के बीच कैंटीन और लाइब्रेरी बंद हैं।
विश्वविद्यालय ने चुनाव को लेकर जारी किया आदेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोमवार को आदेश जारी कर कहा था कि छात्र संघ का संविधान स्वीकृत होने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों को जारी किए गए निलंबन आदेश और कारण बताओ नोटिस भी रद्द कर दिए गए हैं।
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए 24 अक्टूबर से सभी कक्षाएं ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही हैं।
आंदोलन जारी रखने पर अड़े छात्र
इस महीने की शुरुआत में शुरू हुए आंदोलन के तहत चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। पूर्व छात्रों और वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने छात्र संघ के जरिए निर्वाचित प्रतिनिधि निकाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि छात्र अपनी बात खुलकर रख सकें।
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