चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 114 दिनों में 47 लाख के पार पहुंचा श्रद्धालुओं का आंकड़ा

HIGHLIGHTS
- 10 अगस्त तक 47.03 लाख श्रद्धालु चारधाम पहुंच चुके हैं।
- पिछले साल की समान अवधि में 42.34 लाख यात्रियों ने दर्शन किए थे।
- बदरीनाथ धाम में 16.12 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
उत्तराखंड: प्रदेश में चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। यात्रा के 114 दिनों में चारधामों के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 47 लाख के पार पहुंच गई है। यह संख्या वर्ष 2025 की समान अवधि के मुकाबले 4.68 लाख अधिक है। बारिश और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का धामों तक पहुंचने का सिलसिला जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा का संचालन पूरी सतर्कता और निगरानी के साथ किया जा रहा है। मानसून को देखते हुए सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। मुख्यमंत्री खुद राज्य आपदा कंट्रोल रूम के माध्यम से आपदा प्रबंधन की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। चारों धामों और यात्रा पड़ावों पर यात्रियों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर यात्रियों की सहायता के लिए सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है।
सरकार की ओर से किए गए बेहतर आपदा प्रबंधन और व्यवस्थाओं के कारण चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है। इस वर्ष 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा की शुरुआत हुई थी। 10 अगस्त तक यात्रा के 114 दिनों में कुल 47.03 लाख श्रद्धालु चारधामों के दर्शन कर चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान 42 लाख 34 हजार 147 यात्री चारधाम दर्शन के लिए पहुंचे थे। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार यह संख्या 4.68 लाख अधिक है।
बदरीनाथ धाम में 16.12 लाख, केदारनाथ में 14.50 लाख, गंगोत्री में 7.38 लाख और यमुनोत्री धाम में 6.62 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब में 2.40 लाख से अधिक श्रद्धालु शीश नवा चुके हैं।
चारों धामों में एक दिन में पहुंचे 15 हजार से अधिक श्रद्धालु
मौसम लगातार खराब रहने और प्रशासनिक अलर्ट के बावजूद सोमवार को 15 हजार 376 श्रद्धालु चारधाम दर्शन के लिए पहुंचे। इनमें सबसे अधिक 9559 यात्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। इसके अलावा केदारनाथ में 4170, गंगोत्री में 1204 और यमुनोत्री में 443 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। मानसून की सक्रियता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिलाधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके। भूस्खलन या किसी अन्य आपदा की स्थिति में श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के निर्देश दिए गए हैं।
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