शेयर बाजार में हल्की तेजी, सेंसेक्स 177 अंक चढ़ा; फार्मा और आईटी शेयरों में खरीदारी

HIGHLIGHTS
- शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक चढ़ा।
- निफ्टी करीब 50 अंक की बढ़त के साथ 24,620 के स्तर पर पहुंचा।
- फार्मा सेक्टर में 0.72 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में मामूली तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। मजबूत घरेलू मांग, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक फीसदी की बढ़ोतरी ने बाजार पर कुछ दबाव बनाए रखा।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 फीसदी चढ़कर 78,676 अंक के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 50 अंक यानी 0.20 फीसदी की बढ़त के साथ 24,620 अंक के स्तर पर पहुंचा।
फार्मा और आईटी शेयरों में खरीदारी
सेक्टरों की बात करें तो सोमवार को निफ्टी फार्मा प्रमुख सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहा और इसमें 0.72 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी500 हेल्थकेयर में भी 0.63 फीसदी की बढ़त रही।
आईटी शेयरों में भी खरीदारी का रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम 0.58 फीसदी और निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी चढ़ा। निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी कंपनियों के शेयर भी बढ़त में कारोबार कर रहे थे।
हालांकि, कुछ सेक्टरों में गिरावट रही। निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 फीसदी गिरकर सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके बाद पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बेहतर पहली तिमाही के नतीजों से बाजार को सहारा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल शेयर बाजार का रुख हल्का सकारात्मक बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे और देश में मजबूत घरेलू मांग है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कमाई का मौजूदा सीजन अब लगभग समाप्त होने की ओर है और अधिकांश कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। घरेलू मांग मजबूत रहने की स्थिति में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद है।
इन सेक्टरों पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों के मुताबिक बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियां मौजूदा चुनौतियों के बावजूद बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
हालांकि कमजोर मानसून अभी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। देश के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम हुई है। हालांकि जुलाई में बारिश में सुधार आने से इस कमी का असर कुछ कम हुआ है।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से राहत
बाजार के लिए विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख भी सकारात्मक संकेत दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध खरीदार रहे। अगस्त में भी अब तक ज्यादातर कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी है।
इससे बाजार में विदेशी पूंजी का प्रवाह बना हुआ है और निवेशकों के भरोसे को भी समर्थन मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी चिंता का कारण
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी से अधिक चढ़कर 84.73 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। अमेरिकी WTI क्रूड भी 1.59 फीसदी बढ़कर 79.43 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
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