‘हमें सिर्फ वित्त विभाग ही चाहिए’, फडणवीस से मुलाकात के बाद बोले छगन भुजबल

HIGHLIGHTS
- एनसीपी प्रतिनिधिमंडल में सुनेत्रा पवार, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी शामिल रहे।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मांग पर सकारात्मक रुख अपनाया, लेकिन समय-सीमा तय नहीं हुई।
- फिलहाल महाराष्ट्र का वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने रविवार को बताया कि पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर वित्त विभाग सौंपने की मांग की है। हालांकि, उन्होंने राज्य में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को खारिज कर दिया। एनसीपी के दोनों गुटों के विलय की संभावना पर भुजबल ने कहा कि यह मुद्दा अब बंद हो चुका अध्याय है।
गौरतलब है कि एनसीपी नेता और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में वित्त विभाग था। इस साल जनवरी में एक विमान दुर्घटना में उनका निधन हो गया था। फिलहाल वित्त विभाग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है।
एनसीपी ने मुख्यमंत्री से वित्त विभाग देने की मांग की
एनसीपी के प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल शामिल थे। इन नेताओं ने रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और वित्त विभाग पार्टी को देने की मांग रखी।
यह पूछे जाने पर कि क्या मुख्यमंत्री ने इस मांग पर कोई आश्वासन दिया है या कोई समय-सीमा तय की है, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री भुजबल ने कहा कि कोई निश्चित तारीख बताना संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री पार्टी की मांग को लेकर सकारात्मक थे।
वित्त विभाग के बजाय कोई दूसरा विकल्प स्वीकार करने के सवाल पर भुजबल ने स्पष्ट कहा, “हमें सिर्फ वित्त विभाग ही चाहिए।”
मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों पर क्या बोले भुजबल?
राज्य मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की खबरों पर भुजबल ने कहा कि मंत्रियों को बदलने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल में बदलाव करना पूरी तरह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।
एनसीपी (अजित पवार गुट) और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरद पवार) के विलय की अटकलों पर उन्होंने दोहराया कि यह मामला अब बंद हो चुका है। इस दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “आप लोग बहस शुरू करते हैं और हमें जवाब देना पड़ता है।”
बता दें कि एनसीपी (शरद पवार) विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी का हिस्सा है। इसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस भी शामिल हैं।
पिछले महीने शरद पवार ने भी कहा था कि उनकी पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए किसी अन्य संगठन में विलय नहीं करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि अब पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने पर रहेगा।





















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