मनोज जरांगे की ऑडियो क्लिप से महाराष्ट्र में सियासी विवाद, 500 करोड़ के आरोपों की जांच की मांग

HIGHLIGHTS
- मनोज जरांगे ने जालना के अंबड में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित ऑडियो क्लिप चलाई थी।
- क्लिप में श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये पहुंचाने का दावा किया गया है।
- कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे की ओर से जारी ऑडियो क्लिप के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। इस क्लिप में कथित तौर पर दावा किया गया है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से मनोज जरांगे तक 500 करोड़ रुपये पहुंचाए गए थे। जरांगे ने आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और उनके आंदोलन को कमजोर करने के लिए यह साजिश रची गई।
कांग्रेस ने क्या मांग की?
इस मामले में कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने प्रतिक्रिया देते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि लगातार इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगाना गलत है और पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
दलवई ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कुछ लोग एकनाथ शिंदे के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि अब एकनाथ शिंदे को ही इस मामले में फैसला करना चाहिए। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र की राजनीति में पहले पैसों से जुड़े ऐसे मामले सामने नहीं आते थे। उन्होंने 500 करोड़ रुपये से जुड़े आरोपों की जांच को जरूरी बताया।
इससे एक दिन पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मनोज जरांगे को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि जरांगे अपने उस आरोप को साबित करें, जिसमें दावा किया गया है कि एकनाथ शिंदे ने भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए और अपने बेटे व सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए यह रकम आगे पहुंचाई।
शिवसेना ने किया पलटवार
शिवसेना नेता आनंद दुबे ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब तक मनोज जरांगे-पाटिल मराठा समुदाय के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, तब तक सभी उनके साथ खड़े थे। लेकिन राजनीति में कदम रखने के बाद महाराष्ट्र के लोगों को उनके इरादों, चरित्र और स्वभाव के बारे में पता चल गया है।
उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय के लोग अच्छे और बुरे के बीच अंतर करना जानते हैं। दुबे ने बताया कि उनकी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री से मिला था। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री ने मामले की फोरेंसिक जांच कराने का भरोसा दिया है और सार्वजनिक रूप से भी इसका वादा किया है।
दुबे ने कहा कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और पूरा मामला स्पष्ट हो जाएगा।
मनसे ने क्या कहा?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता संदीप देशपांडे ने वायरल ऑडियो क्लिप की जांच की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस क्लिप की फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार नहीं की जा सकती। उनके मुताबिक, ऑडियो रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति को बुलाकर पंचनामा तैयार किया जाना चाहिए, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है।
देशपांडे ने कहा कि इस मामले में न तो कोई रिकॉर्ड मौजूद है और न ही मनोज जरांगे से ऑडियो क्लिप हासिल की गई है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी फोरेंसिक जांच कैसे की जा रही है, जो अदालत में भी टिक नहीं पाएगी।
उन्होंने मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने की मांग की।
ऑडियो क्लिप में क्या आरोप लगाए गए?
जालना जिले की अंबड तहसील में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मनोज जरांगे ने कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग चलाई थी। उन्होंने इस कथित साजिश की जांच कराने और रिकॉर्डिंग में बातचीत करने वाले लोगों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग की थी।
एक क्लिप में कथित तौर पर एक महिला दावा कर रही है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। रिकॉर्डिंग में 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले जरांगे के बढ़ते प्रभाव के संभावित राजनीतिक असर पर चर्चा होने का भी दावा किया गया है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.