‘अपने ही देश में तिरंगा फहराने पर जेल?’ CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के अभिजीत दिपके

HIGHLIGHTS
- सौरभ दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- अभिजीत दिपके ने दोनों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर सवाल उठाए।
- दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कथित अनधिकृत प्रवेश के आरोप में की थी कार्रवाई।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के तीन दिन पूरे हो गए हैं। इस बीच, पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने गुरुवार को उनकी हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों को अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और बदलाव के लिए संघर्ष करने के कारण जेल में डाला गया है।
आशुतोष और सौरभ की गिरफ्तारी पर क्या बोले अभिजीत दिपके?
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि आशुतोष और सौरभ की कथित अवैध गिरफ्तारी का तीसरा दिन है। उन्होंने कहा कि बदलाव के लिए संघर्ष करने की खातिर अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़ने वाले दो युवा अब जेल में बंद हैं।
उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि अपने ही देश में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए किसी को जेल में डाल दिया जाए, यह सोचने वाली बात है।
इससे एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य लोगों को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थान के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
अजिंक्य शिंदे ने हिरासत को लेकर क्या बताया?
पार्टी सदस्य अजिंक्य शिंदे ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद सौरभ दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।
वहीं, वाईएसआरसीपी प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने CJP कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद उनके प्रति समर्थन जताया है। इस पर अभिजीत दिपके ने उनका आभार व्यक्त किया।
अंकिता भंडारी के माता-पिता के मामले पर भी दी प्रतिक्रिया
अभिजीत दिपके ने अंकिता भंडारी के माता-पिता को कथित तौर पर जबरन हटाए जाने के मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इससे जुड़ा वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह घटना सभी के लिए शर्म की बात होनी चाहिए।
दिपके ने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता इस तरह के अमानवीय व्यवहार के हकदार नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अपने ही नागरिकों के साथ इतनी क्रूरता क्यों दिखा रही है।
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