घी में मिलावट करने वालों पर गिरी गाज: FSSAI ने तीन ब्रांडों की बिक्री पर लगाई रोक

HIGHLIGHTS
- मार्शे रिटेल के लाइसेंस पर 30 दिनों के लिए रोक लगाई गई।
- कंपनी को खाद्य कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां बंद करने को कहा गया।
- एसडीपी इंडस्ट्रीज के घी उत्पादों की बिक्री अगले आदेश तक बंद रहेगी।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में दो कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। नई दिल्ली की मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दमन की एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को अपने सभी तरह के घी की बिक्री तत्काल रोकने का निर्देश दिया गया है।
प्राधिकरण ने रविवार को बताया कि दोनों कंपनियों के प्रतिष्ठानों में हुई जांच और इसके बाद की पड़ताल में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद मार्शे रिटेल का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि एसडीपी इंडस्ट्रीज के घी उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी गई।
मामले से जुड़ी पांच खास बातें
- मार्शे रिटेल का खाद्य कारोबार लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
- कंपनी को खाद्य कारोबार से संबंधित सभी गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया है।
- एसडीपी इंडस्ट्रीज के सभी तरह के घी की बिक्री अगले आदेश तक रोक दी गई है।
- घी के नमूनों की जांच में ए-साइटोस्टेरॉल पाया गया, जो घी में मौजूद नहीं होना चाहिए।
- फैटी एसिड की संरचना भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
मार्शे रिटेल में मिलीं कई कमियां
प्राधिकरण के मुताबिक, मार्शे रिटेल के प्रतिष्ठान की जांच के दौरान कई खामियां सामने आईं। इनमें प्रतिष्ठान की बनावट, कामकाज की व्यवस्था, साफ-सफाई और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी कमियां शामिल थीं।
खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण और आवश्यक रिकॉर्ड रखने में भी कमी पाई गई। इन कमियों के बाद कंपनी को खाद्य कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है। कंपनी का लाइसेंस 30 दिनों तक निलंबित रहेगा।
घी के नमूनों में क्या मिला?
एसडीपी इंडस्ट्रीज के कई घी उत्पादों के नमूनों की जांच की गई। इनमें श्रद्धा, श्री सरस और गोकुल नाम से बेचे जाने वाले उत्पाद भी शामिल हैं। प्राधिकरण के अनुसार, ये उत्पाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत लागू आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाए गए।
प्रयोगशाला जांच में घी के नमूनों में ए-साइटोस्टेरॉल नाम का वनस्पति स्टेरॉल पाया गया। प्राधिकरण ने कहा कि यह तत्व घी में नहीं होना चाहिए। फैटी एसिड की संरचना भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इन निष्कर्षों से घी में बाहरी या वनस्पति वसा की मौजूदगी की आशंका जताई गई है।
सभी तरह के घी की बिक्री पर रोक
प्राधिकरण ने एसडीपी इंडस्ट्रीज को अपने अधिकृत परिसरों में बनाए, रखे या बेचे जा रहे सभी प्रकार के घी की बिक्री तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि इन उत्पादों को बाजार में नहीं भेजा जाए और उपभोक्ताओं को नहीं बेचा जाए। यह रोक अगले आदेश तक जारी रहेगी।
अन्य कंपनियों को भी भेजे गए नोटिस
इससे एक दिन पहले प्राधिकरण ने बताया था कि हाल के महीनों में भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबल से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर 150 से अधिक नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें कई बड़ी खाद्य और पेय कंपनियां भी शामिल हैं।
प्राधिकरण ने अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी 12 नोटिस भेजे हैं। अमेजन के एक भंडारगृह का लाइसेंस भी रद्द किया गया है। इसके अलावा कई खाद्य सेवा प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
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