TMC के मूल नाम और चुनाव चिह्न पर विवाद तेज, ऋतब्रत गुट ने लगाया हलफनामे छीनने का आरोप

HIGHLIGHTS
- दोनों गुटों ने मूल पार्टी नाम और चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करने के लिए हलफनामे जमा करने हैं।
- ऋतब्रत बनर्जी ने सोशल मीडिया पर ट्रक रोकने और दस्तावेज छीनने की कोशिश का दावा किया।
- उनके मुताबिक, हलफनामे सड़क मार्ग से कोलकाता से दिल्ली ले जाए जा रहे थे।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दोनों गुटों के बीच टकराव बढ़ गया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट पर चुनाव आयोग में जमा किए जाने वाले हलफनामे छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
इन हलफनामों के जरिए दोनों गुट पार्टी के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके चुनाव चिह्न ‘फूल और घास’ पर अपना दावा साबित करना चाहते हैं। ऋतब्रत ने सोमवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर दावा किया कि कोलकाता से नई दिल्ली जा रहे एक ट्रक को लूटने की कोशिश हुई। उनके मुताबिक, ट्रक में उनके गुट के हलफनामे ले जाए जा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके गुट के कार्यकर्ताओं ने दस्तावेज छीनने की कोशिश को नाकाम कर दिया।
ममता बनर्जी के गुट पर ऋतब्रत ने क्या आरोप लगाए?
ऋतब्रत ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि 25 तारीख की शाम को कालीघाट यानी ममता बनर्जी के गुट के हलफनामे चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली भेजे गए थे। वहीं, उनके गुट के दस्तावेज सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाए जा रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकर्ता 24 तारीख की सुबह हलफनामे लेकर चुनाव आयोग में जमा करने के लिए निकले थे। ऋतब्रत के अनुसार, दस्तावेज पहुंचने से करीब आधे घंटे पहले ट्रक पर कब्जा करने और हलफनामे छीनने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकर्ताओं ने इसका सामना किया और संघर्ष जारी है।
अपने बयान में ऋतब्रत ने इस घटनाक्रम को ‘चार्टर्ड कल्चर’ और ‘ग्रास रूट’ के संकल्प के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि तानाशाही के जरिए विभिन्न क्षेत्रों में संगठित लूट की कोशिशें सफल नहीं होंगी।
TMC में दो गुट, मूल नाम और चुनाव चिह्न पर फैसला बाकी
गौरतलब है कि इसी साल की शुरुआत में चुनाव आयोग (ECI) ने पार्टी के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और मूल चुनाव चिह्न ‘घास और फूल’ को अस्थायी रूप से फ्रीज कर दिया था।
इसके बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया गया।
अब चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से हलफनामे मांगे हैं। इनके आधार पर यह तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है कि मूल पार्टी का नाम और पुराना चुनाव चिह्न किस गुट को मिलेगा। इसी बीच, ऋतब्रत की ओर से हलफनामे छीनने की कोशिश के लगाए गए आरोपों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवाद और बढ़ गया है।
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