आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय को ईडी ने लिया कब्जे में, जानें क्या है पूरा मामला

HIGHLIGHTS
- ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय मामले में कार्रवाई की।
- विश्वविद्यालय की निर्माण लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई।
- ट्रस्ट के घोषित पूंजीगत व्यय और निर्माण लागत में 416.14 करोड़ रुपये का अंतर बताया गया।
रामपुर। जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय को अपने कब्जे में ले लिया है। जांच में विश्वविद्यालय के निर्माण पर हुए खर्च और ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में दर्ज पूंजीगत व्यय के बीच बड़े अंतर का मामला सामने आया है।
जांच के अनुसार, विश्वविद्यालय के निर्माण पर कुल 494.46 करोड़ रुपये खर्च होने का आकलन किया गया है। वहीं, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के आयकर रिटर्न में वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दर्शाया गया है। ईडी का दावा है कि 416.14 करोड़ रुपये के अंतर का ट्रस्ट की ओर से कोई संतोषजनक हिसाब नहीं दिया जा सका। इस राशि को कथित ब्लैक मनी से भी जोड़ा जा रहा है।
इस कार्रवाई से पहले 10 अक्टूबर को ईडी लखनऊ के उप निदेशक पीयूष एस थार्स्ट ने पुलिस महानिदेशक को ई-मेल के जरिए शिकायत भेजी थी। इसके आधार पर अजीमनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आजम खान ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में सरकारी धन से 85.81 करोड़ रुपये के निर्माण कार्य कराए। ईडी ने जिला मूल्यांकन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय के निर्माण की कुल लागत 494.46 करोड़ रुपये बताई थी।
ईडी ने अपनी शिकायत में सरकारी धन से कराए गए निर्माण कार्यों के संबंध में तीन प्रमुख मदों का उल्लेख किया है। इनमें एक ठेकेदार के बयान के आधार पर सरकारी ठेकों से जुड़ी 55.8 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री विश्वविद्यालय में इस्तेमाल किए जाने का आरोप शामिल है।
इसके अलावा, भव्य पंडाल, छात्रावास और अस्पताल के निर्माण के लिए 23.41 करोड़ रुपये की सरकारी मंजूरी का जिक्र किया गया है। वहीं, विधायक और एमएलसी क्षेत्र विकास निधि से विश्वविद्यालय परिसर में 6.60 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाने की बात भी कही गई है। इन तीनों मदों की कुल राशि 85.81 करोड़ रुपये बताई गई है।
जांच के दौरान ईडी ने जौहर ट्रस्ट को मिले कुछ दान की प्रकृति पर भी सवाल उठाए। इसमें एक कंपनी की ओर से 40 लाख रुपये और दो संस्थाओं से 6.235 करोड़ रुपये का दान मिलने का उल्लेख है। ईडी का आरोप है कि सरकारी ठेकों से लाभ प्राप्त करने वालों की ओर से धनराशि ट्रस्ट को दान के रूप में दी गई।
ईडी की शिकायत के आधार पर पूर्व मंत्री आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एस एंड ए इंटरप्राइजेज, सीके एसोसिएट और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी टांडा पंकज पंत को सौंपी गई है और जांच जारी है।
इसी मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए ईडी ने बुधवार को विश्वविद्यालय को अपने कब्जे में ले लिया। इस संबंध में एएसपी अनुराग सिंह ने बताया कि ईडी की कार्रवाई को लेकर पुलिस को अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.