फतेहगढ़ साहिब में अवैध पटाखा फैक्ट्री का भंडाफोड़, 11.66 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद

HIGHLIGHTS
- पुलिस को 26 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 6 बजे मिलिट्री इंटेलिजेंस से सूचना मिली थी।
- छापेमारी अमलोह थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में की गई।
- गोदाम दलजीत कौर के खेतों में शेलर के पास बना हुआ था।
फतेहगढ़ साहिब में पुलिस ने खेतों के बीच संचालित हो रही अवैध पटाखा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। मिलिट्री इंटेलिजेंस लुधियाना से मिली सूचना के बाद पुलिस ने अमलोह थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, खेतों में शेलर के पास बने किराए के गोदाम में बिना लाइसेंस पटाखे तैयार किए जा रहे थे। मौके से बड़ी मात्रा में पटाखे और उन्हें बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने 11 किलो 660 ग्राम विस्फोटक सामग्री समेत अन्य सामान जब्त किया है।
एसएचओ गुरविंदर सिंह ने बताया कि 26 अक्टूबर 2026 को शाम करीब 6 बजे मिलिट्री इंटेलिजेंस लुधियाना की टीम से सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर क्षेत्र के गांव बसी कलां निवासी फैजान खान ने शाहपुर गांव में दलजीत कौर के खेतों में बने गोदाम को किराए पर लिया हुआ था, जहां वह पटाखे तैयार कर रहा था।
सूचना में बताया गया था कि पटाखे बनाने के लिए बारूद और अन्य सामग्री गोदाम में रखी गई थी। तैयार पटाखों को आगे सप्लाई करने की भी योजना थी।
बिना लाइसेंस तैयार किए जा रहे थे पटाखे
गुरविंदर सिंह के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद अमलोह थाना पुलिस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम के साथ मौके पर छापेमारी की। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पास पटाखे बनाने के लिए कोई वैध लाइसेंस या परमिट नहीं था।
खेतों के बीच स्थित गोदाम में पटाखे तैयार करने और उनकी सप्लाई किए जाने की सूचना को देखते हुए मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में आरोपी की पृष्ठभूमि, पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के स्रोत, तैयार पटाखों की सप्लाई और संभावित नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी कब से यह काम कर रहा था और तैयार पटाखों की सप्लाई किन-किन जगहों पर की जानी थी।
पुलिस ने आरोपी फैजान खान के खिलाफ एक्सप्लोसिव एक्ट, 1884 की धारा 9बी(1)(ए) और 9बी(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
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