इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत, भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक

HIGHLIGHTS
- इमरान खान ने भारत छोड़ने के नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
- अभिनेता की याचिका पर चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने सुनवाई की।
- इमरान के वकील जुल्फिकार मेमन ने अदालत में याचिका दायर की थी।
बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट से राहत मिली है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में शामिल होने के बाद उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया गया था। अभिनेता ने इस नोटिस को अदालत में चुनौती दी थी। मंगलवार, 27 अक्टूबर को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी।
इससे पहले इमरान खान की याचिका पर सोमवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे टाल दिया गया था। मंगलवार को चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने अभिनेता को जारी किए गए भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी।
इमरान खान के पास अमेरिकी नागरिकता
इमरान खान को यह नोटिस फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (FRRO) की ओर से मिला था। अभिनेता भारतीय नागरिक नहीं हैं और उनके पास अमेरिकी नागरिकता है। उन्होंने मुंबई पुलिस की ओर से जारी नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके लिए उन्होंने अपने वकील जुल्फिकार मेमन और उनकी कानूनी टीम के माध्यम से याचिका दायर की।
इमरान खान ने क्या मांग की?
हाईकोर्ट में दायर याचिका में इमरान खान ने पुलिस के नोटिस को 'गैरकानूनी, गलत और कानून के खिलाफ' बताया था। उन्होंने अदालत से नोटिस रद्द करने और मामले की सुनवाई पूरी होने तक उस पर रोक लगाने की मांग की थी।
याचिका में कहा गया कि मौजूदा कानूनों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से रोकता हो। अभिनेता ने यह भी कहा कि नोटिस जारी करते समय उन्हें न तो स्पष्ट कारण बताया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया।
इमरान को मिला कारण बताओ नोटिस
अभिनेता के वकील के मुताबिक, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने इमरान खान को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसमें उनसे पूछा गया है कि उनका ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) का दर्जा रद्द क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। इसके बाद मुंबई पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस भेजा।
इमरान खान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। उन पर आरोप है कि भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। अभिनेता ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत ने अब भारत छोड़ने के नोटिस पर 2 नवंबर तक रोक लगा दी है।
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