नीट यूजी 2026 विवाद पर FAIMA पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, एनटीए के पुनर्गठन की मांग

HIGHLIGHTS
- नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
- संगठन ने याचिका में आरोप लगाया है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA के संचालन में “व्यवस्थित खामियां” सामने आई हैं।
- याचिका में मांग की गई है कि या तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन किया जाए या उसकी जगह किसी अधिक मजबूत, तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त संस्था को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए।
- इसके साथ ही NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा न्यायिक निगरानी में करा…
नई दिल्ली: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। संगठन ने याचिका में आरोप लगाया है कि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA के संचालन में “व्यवस्थित खामियां” सामने आई हैं।
याचिका में मांग की गई है कि या तो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन किया जाए या उसकी जगह किसी अधिक मजबूत, तकनीकी रूप से उन्नत और स्वायत्त संस्था को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाए। इसके साथ ही NEET-UG 2026 की पुनः परीक्षा न्यायिक निगरानी में कराने की भी अपील की गई है।
पेपर लीक आरोपों के बाद बढ़ा मामला
यह याचिका उस घटना के बाद दाखिल की गई है जब 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के चलते रद्द करना पड़ा था और मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर प्रसारित “अनुमानित प्रश्नपत्रों” में 100 से अधिक प्रश्न वास्तविक परीक्षा से मिलते-जुलते पाए गए थे।
स्वतंत्र निगरानी समिति की मांग
FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय निगरानी समिति बनाई जाए। इस समिति में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भी शामिल करने की मांग की गई है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
CBT मोड में परीक्षा कराने की अपील
याचिका में यह भी कहा गया है कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए NEET-UG को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित किया जाए। साथ ही प्रश्नपत्रों को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की व्यवस्था मजबूत करने की मांग की गई है।
CBI जांच पर समयसीमा तय करने की मांग
FAIMA ने सुप्रीम कोर्ट से यह भी आग्रह किया है कि CBI को निर्देश दिया जाए कि वह चार सप्ताह के भीतर जांच की स्थिति रिपोर्ट अदालत में पेश करे। इस रिपोर्ट में गिरफ्तारी, आरोपियों की पहचान और जांच की प्रगति का पूरा ब्योरा शामिल करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, याचिका में यह भी कहा गया है कि जैसे ही परीक्षा के केंद्रवार परिणाम उपलब्ध हों, उन्हें सार्वजनिक किया जाए ताकि किसी भी अनियमितता का पता पारदर्शी तरीके से लगाया जा सके।
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