लखनऊ PGI में पहला हृदय प्रत्यारोपण सफल, दिल्ली से लाया गया था दिल

लखनऊ। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PGI) ने चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए प्रदेश का पहला सफल हृदय प्रत्यारोपण किया है। दिल्ली से प्राप्त दान किए गए हृदय को ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से लखनऊ लाया गया और इसे सीतापुर निवासी एक मरीज में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।
संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमन के अनुसार, पीजीआई में हृदय प्रत्यारोपण की सभी तैयारियां पहले से पूरी थीं, लेकिन उपयुक्त डोनर नहीं मिलने के कारण प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही थी। हाल ही में दिल्ली निवासी एक व्यक्ति को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद उसके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लिया। उसके लिवर और किडनी का प्रत्यारोपण दिल्ली में ही किया गया, जबकि हृदय को लखनऊ भेजा गया।
ग्रीन कॉरिडोर से पहुंचा दिल, पांच घंटे चला ऑपरेशन
दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से हृदय को एयर एंबुलेंस के जरिए लखनऊ लाया गया। एयरपोर्ट से पीजीआई तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इसे कम समय में अस्पताल पहुंचाया गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे ऑपरेशन शुरू हुआ, जो लगभग पांच घंटे तक चला। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर और सामान्य बताई जा रही है।
यह हृदय डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी से पीड़ित मरीज में प्रत्यारोपित किया गया, जो हृदय की मांसपेशियों से जुड़ी गंभीर बीमारी है।
कई विभागों की संयुक्त टीम ने निभाई भूमिका
इस जटिल सर्जरी को सफल बनाने में सीवीटीएस, कार्डियोलॉजी और एनेस्थीसिया विभागों के साथ राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन और दिल्ली के आरएमएल अस्पताल की टीमों ने मिलकर काम किया।
सीवीटीएस विभाग से प्रो. एसके अग्रवाल, प्रो. शांतनु पांडे, प्रो. मिलिंद होते सहित कई विशेषज्ञ शामिल रहे। कार्डियोलॉजी टीम में प्रो. आदित्य कपूर और प्रो. रूपाली खन्ना समेत अन्य डॉक्टर रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से प्रो. पुनीत गोयल और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा परफ्यूजनिस्ट और नर्सिंग स्टाफ ने भी पूरी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने संस्थान की टीम को बधाई दी है। राज्यपाल ने इसे उन्नत चिकित्सा सेवाओं की दिशा में बड़ा कदम बताया, वहीं मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि कहा।
यह सफल प्रत्यारोपण न केवल चिकित्सा क्षेत्र में प्रदेश की क्षमता को दर्शाता है, बल्कि भविष्य में गंभीर हृदय रोगियों के लिए नई उम्मीद भी जगाता है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.