यूपी में पांच मंडल स्तरीय रोजगार मेले, एक लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन राज्य में युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में मिशन 2026 की शुरुआत में प्रदेश में पांच मंडल स्तरीय बड़े रोजगार मेलों का आयोजन करने जा रहा है। इन मेलों का लक्ष्य निजी क्षेत्र की कंपनियों में लगभग एक लाख युवाओं को रोजगार दिलाना है।
ये रोजगार मेले उन जिलों में आयोजित किए जाएंगे, जो मंडल मुख्यालय हैं—लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी और मुजफ्फरनगर। संबंधित मंडल के सभी जिलों के युवा इन मेलों में हिस्सा ले सकेंगे। प्रत्येक मेले में लगभग 100 कंपनियां भाग लेंगी और 20 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगी। इस तरह पांचों रोजगार मेलों से कुल एक लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मेले की तिथियां जल्द ही फाइनल कर के घोषित की जाएंगी।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देना है, ताकि पलायन की समस्या कम हो। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्योगों की जरूरतों के अनुसार तैयार किए जा रहे हैं, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जा सके।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति अपनाई है। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत अब तक आयोजित 1,624 रोजगार मेलों के माध्यम से 2.26 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को नौकरी दी जा चुकी है। कोविड काल में जब ऑफलाइन गतिविधियां ठप थीं, तब भी सरकार ने ऑनलाइन रोजगार मेलों के जरिए 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया।
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