हरियाणा: आईपीएस वाई पूरण कुमार की आत्महत्या ने सरकार की मुश्किलें बढ़ाईं

चंडीगढ़। हरियाणा में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या का मामला मुख्यमंत्री नायब सैनी और उनकी सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक चुनौती बन गया है। दिवंगत अधिकारी के परिवार को पोस्टमार्टम के लिए मनाने के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। परिवार डीजीपी शत्रुजीत कपूर और रोहतक के एसपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहा है।
सरकार ने पांच दिन बाद रोहतक के एसपी को हटा तो दिया, लेकिन डीजीपी पर कोई कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि परिवार और दलित संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को दो मंत्रियों ने तीन घंटे से अधिक समय तक दिवंगत आईपीएस की पत्नी और परिवार को मनाने की कोशिश की, लेकिन परिवार डीजीपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा।
सरकार की योजना थी कि एसपी को हटाने से परिवार पोस्टमार्टम के लिए राजी हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस घटना ने सरकार की कार्यप्रणाली को भी प्रभावित किया। नायब सैनी और अफसरों की जापान यात्रा के प्रचार के लिए जो प्रेस ब्रीफिंग तय की गई थी, वह भी इस प्रकरण के चलते रद्द करनी पड़ी।
सीएम सैनी ने 9 अक्तूबर को एयरपोर्ट पर सीआईडी प्रमुख एडीजीपी सौरभ सिंह से मामले की जानकारी ली और इसके बाद एडीजीपी पूरन कुमार की पत्नी, आईएएस अमनीत पी. कुमार से सांत्वना और आश्वासन देने उनके सरकारी आवास पहुंचे। बावजूद इसके मामला पांच दिन से कायम है।
सरकार की सालगिरह पर सोनीपत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली भी तय थी। इसी को लेकर शनिवार को कैबिनेट बैठक रखी गई थी, लेकिन पूरन कुमार आत्महत्या प्रकरण तूल पकड़ने के कारण यह बैठक स्थगित करनी पड़ी। इसके बजाय कुछ मंत्रियों और अफसरों के साथ सीएम ने विशेष बैठक कर परिवार को मनाने और मामले को शांत करने की रणनीति पर चर्चा की।
इस मामले ने अब राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता पूरे घटनाक्रम से अवगत हैं, और इसलिए मुख्यमंत्री कोई कदम उनकी सलाह के बिना नहीं उठा रहे हैं। इसी कारण मामले को सुलझाने में देरी हो रही है। कांग्रेस ने भी खुलकर दिवंगत अधिकारी के परिवार के समर्थन में बयान जारी किया है और बताया जा रहा है कि राहुल गांधी भी जल्द परिवार से मिलने आ सकते हैं।
उधर, आम आदमी पार्टी के नेता शनिवार को शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे और सैनी सरकार की कार्रवाई पर तीखा प्रहार किया। दलित संगठन भी मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहे हैं। आईएएस अमनीत पी. कुमार की जापान से वापसी के बाद कई वरिष्ठ दलित आईएएस उनके सरकारी आवास में रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
वी. पूरण कुमार के सुसाइड नोट में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं और इस मामले में बड़ी आईएएस लॉबी अमनीत पी. कुमार के साथ खड़ी है। इसका असर हरियाणा सरकार के कामकाज और प्रशासनिक स्थिरता पर नजर आने लगा है।
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