मुजफ्फरनगर की दवा एजेंसियों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर

मुजफ्फरनगर। अमरोहा जिले में पेट की गैस से राहत देने वाले एक कैप्सूल के नकली पाए जाने के बाद उसकी सप्लाई चेन जांच के दायरे में आ गई है। जिस मेडिकल एजेंसी से यह दवा भेजी गई थी, अब उस पर भी स्वास्थ्य विभाग की निगाहें टिक गई हैं। औषधि निरीक्षक ने एजेंसी पर छापा डालकर यहां से उपलब्ध कराए गए कैप्सूल के सैंपल लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
करीब पांच महीने पहले अमरोहा में औषधि विभाग ने सिनौरा रोड, डिडौली स्थित एक मेडिकल स्टोर से ‘डीएच रैब’ कैप्सूल का नमूना परीक्षण के लिए भेजा था। यह दवा पेट की गैस, एसिडिटी और अल्सर जैसी समस्याओं में प्रयोग होती है। जांच रिपोर्ट चौंकाने वाली रही कैप्सूल में रैबेप्रेजोल सोडियम और डोमपेरिडोन की जगह सफेद रंग का अज्ञात पाउडर भरा मिला। रिपोर्ट आने के बाद दवा की बिक्री तत्काल रोक दी गई।
स्थानीय जांच में पता लगा कि यह नकली बैच मुजफ्फरनगर के सुजड़ू रोड, जामियानगर के पास स्थित अमन मेडिकल एजेंसी से खरीदा गया था। इसके बाद अमरोहा औषधि विभाग ने पूरे मामले की जानकारी मुजफ्फरनगर के औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य को भेजी।
पवन कुमार का कहना है कि मुजफ्फरनगर से बड़ी मात्रा में दवाओं की सप्लाई बाहर के जिलों और राज्यों में जाती है, ऐसे में नकली कैप्सूल मिलने का मामला गंभीर है। वे बाहर होने के कारण जांच के लिए मौके पर नहीं पहुंच सके, लेकिन लौटते ही संबंधित एजेंसी की विस्तृत जांच की जाएगी। इसके तहत संदिग्ध कैप्सूल के साथ-साथ अन्य दवाओं के भी सैंपल लिए जाएंगे।
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