सहारनपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: प्रेमिका की गला घोंटकर हत्या, सिर काटकर जंगल में फेंका

सहारनपुर। नकुड़ क्षेत्र के टिडोली गांव के रहने वाले टैक्सी ड्राइवर बिलाल द्वारा अपनी प्रेमिका की हत्या करने का मामला सामने आया है। देहात कोतवाली क्षेत्र की गंगोत्री कॉलोनी में रहने वाली 30 वर्षीय उमा पिछले कई दिनों से लापता थी। यमुनानगर पुलिस ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि उमा को 6 दिसंबर की रात कलेसर जंगल के पास मौत के घाट उतारा गया था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस दिन यह खुलासा हुआ, उसी दिन आरोपी की बरात जानी थी। उमा उससे शादी करना चाहती थी, लेकिन बिलाल की शादी पहले से तय थी। इसी तनाव के बीच उसने प्रेमिका को रास्ते से हटाने का भयावह कदम उठा लिया।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
7 दिसंबर को यमुनानगर के प्रतापनगर इलाके में एक नर्सरी से एक महिला का धड़ बरामद हुआ था। शरीर बिना सिर के था और कपड़े भी गायब थे, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था। जांच के दौरान पुलिस को आसपास एक संदिग्ध कार दिखाई देने की जानकारी मिली, जो सहारनपुर नंबर की थी।
सीसीटीवी की मदद से टीम हथिनीकुंड तक पहुंची और वहां सक्रिय मोबाइल नंबरों को ट्रेस किया गया। सुरागों के आधार पर पुलिस शनिवार को टिडोली गांव पहुंची और बिलाल को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया।
रिश्ते में दरार और बढ़ता तनाव
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उमा की जान पहचान दो साल पहले हुई थी। दोनों कुछ समय तक एक साथ भी रहे और उमा का खर्च बिलाल ही उठाता था। उमा पहले से शादीशुदा थी और पति से विवाद के बाद अकेले रहती थी, जबकि बेटा पिता के पास रहता था।
बिलाल के परिवार को इस रिश्ते की जानकारी नहीं थी। दूसरी ओर उमा शादी पर जोर दे रही थी। उधर बिलाल की परिजनों ने 14 दिसंबर के लिए शादी तय कर रखी थी। दबाव बढ़ता देख उसने डरावना प्लान बना लिया।
इस तरह दिया खौफनाक वारदात को अंजाम
6 दिसंबर की रात बिलाल उमा को घूमने के बहाने कार में बैठाकर यमुनानगर की ओर ले गया। कलेसर जंगल के पास उसने गाड़ी रोकी और पीछे वाली सीट पर उमा का सीट बेल्ट से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान मिटाने के लिए उसने उसका सिर काट दिया।
धड़ को पास की नर्सरी में फेंक दिया, जबकि सिर और कपड़े अपने साथ ले जाकर जंगल के दूसरे हिस्से में फेंक दिए। पुलिस ने तलाशी में मृतका का सिर और कपड़े लाल ढांग क्षेत्र से बरामद कर लिए हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि पहचान न होने पर पुलिस ने शुक्रवार को शव का लावारिस के तौर पर अंतिम संस्कार भी करा दिया था।
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